आतंकवाद पर एक और प्रहार, UAPA के तहत पाकिस्तान में छिपे 23 दुश्मनों को भारत ने किया आतंकी घोषित; कहीं 'सर्जिकल स्ट्राइक 3.O' की तैयारी तो नहीं?
आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है।
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आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 23 आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट अधिसूचना में इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि ये सभी भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और इनमें अधिकांश पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में छिपे हुए हैं।
सरकार के मुताबिक ये लोग आतंकियों की भर्ती, भारत में घुसपैठ, आतंकी हमलों की साजिश, आतंक के लिए पैसे जुटाने, हथियार पहुंचाने और अन्य मदद करने में शामिल रहे हैं। घोषित 23 आतंकियों में 11 जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी हैं, जबकि 12 पाकिस्तान के रहने वाले हैं। इनमें 7 पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) और 4 पाकिस्तान में रह रहे हैं। इन 23 नामों के जुड़ने के बाद सरकार की तरफ से घोषित आतंकियों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन में क्या कहा
इन 23 लोगों में से तीन LeT के संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं, तीन कथित तौर पर 2016 में नगरोटा में आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में शामिल थे, और दो कथित तौर पर 2018 में सुंजवान मिलिट्री स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में शामिल थे। गृह मंत्रालय ने नोटिफिकेशन में सईद के करीबी सहयोगियों की पहचान अब्दुल रऊफ, हाफिज खालिद वलीद और राणा इफ़्तिखार के तौर पर की है।
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गृह मंत्रालय ने कहा, "54 साल के राणा इफ़्तिखार जिहादी विरोधी संगठनों के बीच तालमेल बिठाते हैं, युवाओं को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उकसाते हैं और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी हैं। 52 साल के अब्दुल रऊफ, जो LeT और जमात-उद-दावा से जुड़े हैं, आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और तालमेल बिठाने, फंड इकट्ठा करने में शामिल हैं और हाफिज मुहम्मद सईद की सीधी कमान में LeT के मुख्य आतंकवादियों में से एक हैं।"
UAPA के तहत घोषित 23 आतंकियों की पूरी सूची
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- मसूद इलियास कश्मीरी को जैश-ए-मोहम्मद का वरिष्ठ कमांडर बताया गया है, जो आतंकियों की भर्ती, ट्रेनिंग और भारत में घुसपैठ कराने का काम करता था।
- मोहम्मद मुसद्दिक जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, ड्रोन से हथियार भेजने और साइबर माध्यम से भर्ती कराने का हैंडलर माना जाता है।
- सूची में मुफ्ती मोहम्मद असगर खान का नाम भी शामिल है, जिसे 2016 के नगरोटा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड और लॉन्चिंग कमांडर बताया गया है।
- हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार आतंकियों की भर्ती, ट्रेनिंग और हथियार उपलब्ध कराने का काम करता था।
- अब्दुल्ला जेहादी पर आतंकी कैंप चलाने और हमलों की साजिश रचने का आरोप है।
- लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े फिरदौस अहमद भट को विदेशी आतंकियों की घुसपैठ और हथियार सप्लाई कराने वाला लॉन्चिंग कमांडर बताया गया है।
- गुलाम फरीद जैश-ए-मोहम्मद के लिए हथियार उपलब्ध कराने और आतंकियों की मदद करता था।
- हारून राशिद गनई हथियार भेजने और युवाओं की भर्ती कराने में सक्रिय था।
- बिलाल अहमद मीर पर लश्कर-ए-तैयबा और TRF के लिए सीमा पार से हथियार सप्लाई कराने और आतंकी साजिशों में शामिल रहने का आरोप है।
- आबिद कय्यूम लोन फंडिंग, लॉजिस्टिक्स और आतंकी गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालता था।
- नजीर अहमद गुज्जर उर्फ मुनाज़िल ड्रोन के जरिए हथियार भेजने और युवाओं को लश्कर में भर्ती कराने में शामिल था।
- अब्दुल रऊफ को हाफिज सईद का करीबी माना जाता है और उस पर आतंकी गतिविधियों की फंडिंग तथा समन्वय का आरोप है।
- सूची में हाफिज तल्हा सईद, जो हाफिज सईद का बेटा है, भी शामिल है। उस पर भर्ती, फंडिंग और आतंकी नेटवर्क चलाने का आरोप है।
- हाफिज खालिद वलीद को हाफिज सईद के संरक्षण में कई आतंकी साजिशों का मास्टरमाइंड बताया गया है।
- मुहम्मद याह्या अजीज संगठन के लिए फंड जुटाने का काम करता था।
- मौलाना सैफुल्लाह खालिद आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय था।
- मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा आतंकियों को आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद पहुंचाने का काम करता था।
- मौलाना यूसुफ ताइबी पर विभिन्न आतंकी गुटों से जुड़े रहकर साजिशों में शामिल होने का आरोप है।
- मुहम्मद सलीम पर आतंकी नेटवर्क को सहायता पहुंचाने का आरोप है।
- कारी याकूब शेख पर लॉजिस्टिक सपोर्ट और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है।
- मुहम्मद अमीन बट भी आतंकी नेटवर्क को सहायता देने के आरोपों का सामना कर रहा है।
- अली काशिफ जान पर भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है।
- लिस्ट में आखिरी नाम मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ मुहंदिस उर्फ जाकिर का है। गृह मंत्रालय के मुताबिक उसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद के अलावा अल-कायदा और ISIS से जुड़े मॉड्यूल से भी रहा है।
UAPA की चौथी अनुसूची में किसी व्यक्ति का नाम शामिल होने का मतलब है कि भारत सरकार उसे आधिकारिक तौर पर व्यक्तिगत आतंकवादी मानती है। इससे जांच एजेंसियों को उसके नेटवर्क, आर्थिक गतिविधियों और सहयोगियों पर कानूनी कार्रवाई करने का आधार मिलता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को अधिक मजबूती से रख सकता है।