अपडेटेड 6 February 2026 at 09:52 IST

Meghalaya Coal Mine Blast: कोयला खदान धमाके में सरकार ने दिए जांच के आदेश, अबतक 18 की मौत; कई मजदूर अब भी फंसे

मेघालय के ताशखाई की कोयला खदान में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। खदान के अंदर फंसे मजदूरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

Follow : Google News Icon  
Meghalaya coal mine blast
Meghalaya coal mine blast | Image: x

Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स में गुरुवार को अवैध कोयला खदान में धमाका होने से कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई। इस हादसे में कई अन्य के फंसे होने की आशंका है, जिनके लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए है।

जानकारी के अनुसार, ताशखाई की कोयला खदान में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। धमाका इतना तेज था कि अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। हादसे की सूचना मिलते ही मेघालय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अंदर फंसे मजदूरों की तलाश के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर शाम अंधेरे के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया था, सुबह होते ही फिर से शुरू किया गया है।

CM संगमा ने हादसे पर दुख जाहिर किया

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा, 'ईस्ट जयंतिया हिल्स में कोयला खदान में हुई दुखद घटना से बहुत दुख हुआ। इस दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।'

'सरकार ने घटना की पूरी जांच के आदेश दिए'

उन्होंने आगे लिखा, ‘मेघालय सरकार ने घटना की पूरी जांच के आदेश दिए हैं। जवाबदेही तय की जाएगी और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों की जान की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में, राज्य सरकार प्रभावित सभी लोगों के साथ खड़ी है।’

Advertisement

PM मोदी ने की मुआवजे की घोषणा

इससे पहले दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की घोषणा की, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

खदान में फंसे कितने मजदूर?

डीजीपी नोंगरांग ने बताया कि विस्फोट के समय खदान के भीतर कितने मजदूर मौजूद थे, इसकी सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। उन्होंने अभी कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई है।

Advertisement

बता दें कि शुरुआती तौर पर खदान में गैस रिसाव या तकनीकी खामी को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

यह भी पढ़ें: BJYM प्रदेश अध्यक्ष का जोर-शोर से चल रहा था स्वागत, अचानक हाइड्रोजन गुब्बारे में हुआ ब्लास्ट; बाल-बाल ऐसे बची जान- VIDEO
 

Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 6 February 2026 at 09:34 IST