'इस्लामिक कानून जब तक देश में नहीं लागू होगा, महिलाएं महफूज नहीं, आजादी के नाम पर औरतों को निकालना...', रेप केस पर मौलाना रशीदी का विवादित बयान

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा आजादी और बराबरी के नाम पर लड़कियों को काम की दुनिया में लाने के लिए जोर दिया जा रहा है। यह कहकर कि महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती हैं, लेकिन ये कुदरत के नियमों के खिलाफ है।

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Maulana Sajid Rashidi Islamic laws are implemented country women will not be safe
Maulana Sajid Rashidi | Image: Republic

इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, मौलाना साजिद रशीदी ने एक बार फिर विवादी बयान दिया है। उन्होंने देश की महिलाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा जब तक देश में इस्लामिक कानून लागू नहीं होंगे, महिलाएं सुरक्षित नहीं रहेंगी। मैंने कहा कि जब तक देश में इस्लामी कानून लागू नहीं होंगे, तब तक महिलाएं सुरक्षित नहीं रहेंगी।

रशीदी ने कहा ‘आजादी और बराबरी के नाम पर लड़कियों को काम की दुनिया में लाने के लिए जोर दिया जा रहा है, यह तर्क देते हुए कि महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती हैं और हर क्षेत्र में उनके साथ शामिल हो सकती हैं, लेकिन यह कुदरत के खिलाफ है।

महिलाओं को बर्बादी और गलत काम की ओर धकेला गया

रशीदी ने कहा महिलाओं को पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कम करने को लेकर उनपर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा महिलाओं के मन में ये सभी विचार डाले गए, उन्हें बर्बादी और गलत काम की ओर धकेला गया, ये उन लोगों से शुरू हुए जो आज़ादी की आड़ में महिलाओं को शिकार बनाना चाहते थे। वे चाहते थे कि महिलाएं अपने घरों से बाहर निकलें और इस तरह यह सब शुरू हुआ। तीन साल की बच्ची के साथ, 5 साल की बच्ची के साथ, 60 साल की बूढ़ी औरत के साथ क्या हो रहा है।

औरत घर में बैठकर घर संभाले

मौलाना साजिद रशीदी ने आगे कहा कि नेचर क्या कहा है, नेचर भी यही कहता है कि औरत घर में बैठे और घर संभाले और बच्चों को देखें। पुरुष जो पैसा कमाकर लाता है, उसका इस्तेमाल करें। पुरुषों को मजबूत बनाया गया था, ऊपर वाले ने चाहा कि वे बाहर निकलें, मुश्किलों और चुनौतियों का सामना करें, गुजारा करें, और अपनी पत्नियों और बच्चों का पेट भरें। उन्होंने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं के लिए पर्दा प्रथा इसलिए लागू की थी।  

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देश में इस्लामी कानून लागू हो

रशीदी ने कहा जबतक देश में इस्लामिक कानून नहीं आएगा रेप खत्म नहीं होगा, उन्होंने कहा कि रेप रोकने के लिए शरिया जरुरी है। यानी खत्म कर दिया जाये ऐसे आदमी को जो दुष्कर्म करें। महिलाओं की सुरक्षा पक्की करने के लिए सुरक्षा के लिए, हमें इस्लाम के बनाए सख्त कानूनों या कम से कम यौन हिंसा करने वालों के लिए कड़ी सजा की जरूरत है। 

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Published By:
 Sahitya Maurya
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