'बीजेपी को हराने का ठेका मुसलमानों ने ले लिया है?', मुस्लिम नेताओं की बैठक को लेकर बोले मौलाना रशीदी; अखिलेश-ओवैसी को भी लपेटा

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि खबर आ रही है कि मुस्लिम नेताओं और उलेमाओं का एक बड़ा जमावड़ा होने जा रहा है। क्या 2027 का चुनाव नजदीक आते ही अब इनकी नींद खुली है? क्या मुसलमानों ने बीजेपी को हराने का ठेका ले लिया है?

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Maulana Sajid Rashidi
Maulana Sajid Rashidi | Image: Republic

Maulana Sajid Rashidi: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIIA) के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने 24 जुलाई को दिल्ली में होने वाली मुस्लिम नेताओं और संगठनों की बैठक पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इस बैठक में सिर्फ बीजेपी को हराने की रणनीति पर बात होगी? उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, 'क्या बीजेपी को हराने का ठेका मुसलमानों ने ले लिया है?'

मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि खबर आ रही है कि मुस्लिम नेताओं और उलेमाओं का एक बड़ा जमावड़ा होने जा रहा है। इस बैठक में यूसीसी (UCC) और मुसलमानों के खिलाफ हो रही बुलडोजर कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बेशक यह एक अच्छी पहल है और इन विषयों पर बात होनी ही चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि ये नेता अब तक क्यों सो रहे थे?

चुनाव नजदीक आते ही नींद खुली?- रशीदी

उन्होंने आगे कहा कि क्या 2027 का चुनाव नजदीक आते ही अब इनकी नींद खुली है? क्या मुसलमानों ने बीजेपी को हराने का ठेका ले लिया है? फिर मंच सजाकर बीजेपी को हराने की बात होगी। असदुद्दीन ओवैसी खुलेआम कहते हैं कि मैं भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए उत्तर प्रदेश आ रहा हूं। भाजपा को हराने के लिए बिहार आ रहा हूं। वे हर जगह बीजेपी को हराने के लिए चुनाव लड़ते हैं। सलमान खुर्शीद बार-बार बीजेपी को हराने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से एक होनी की अपील करते हैं।'

अखिलेश यादव पर साधा निशाना

मौलाना साजिद रशीदी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इस बैठक में सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी भी होंगे जिन्हें अखिलेश यादव के लिए मुसलमानों के वोट चाहिए। ताज्जुब की बात तो यह है कि 2024 के चुनाव में सपा को मुसलमानों ने तो वोट दिया, लेकिन यादवों ने नहीं दिया।

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उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ये वही अखिलेश यादव हैं जिन्होंने अपने पिता के सामने से माइक छीन लिया था। जिनके लिए उन्हीं के पिता ने कहा था कि वे अल्पसंख्यकों के खिलाफ हैं। इन अखिलेश के लिए बैठक में मोहिबुल्लाह नदवी और जमीयत के लोग शामिल होंगे। यह तीनों सियासी लोग मिलकर कहीं न कहीं जमीयत को भी हाइजैक कर लेंगे।

रशीदी की जमीयत को नसीहत

वह यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि 2027 में अपना उल्लू सीधा करने और अपनी राजनीति चमकाने के लिए फिर से एक मंच सजाने की कोशिश हो रही है। इससे मुसलमानों का कोई भला नहीं होने वाला है। रशीदी ने सलाह देते हुए कहा कि जमीयत को इनकी लुभावनी बातों में नहीं आना चाहिए। अपना जो काम कर रही है वो करते रहना चाहिए।

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मौलाना साजिद रशीदी कहते हैं, 'मैं जमीयत से सवाल करना चाहता हूं कि 2014 से लेकर अब तक रामलीला मैदान पर कोई प्रोग्राम क्यों नहीं हुआ? जमीयत भी कहीं न कहीं खामोश होकर तमाशा बनी हुई है। रामलीला मैदान में हमें जमा होना चाहिए था, उस पर बात करनी चाहिए थी। जैसे हम कांग्रेस को लाखों-लाखों की तादाद में खड़े होकर डराते थे, वैसा आज क्यों नहीं हो रहा है? कोई धरना प्रदर्शन या गुस्सा क्यों नहीं है? सियासत के नाम पर मुसलमानों को फिर मूर्ख बनाने की कोशिश न करें।

दिल्ली में होगी मुस्लिम नेताओं की बैठक

बता दें कि देश के मौजूदा हालात को लेकर दिल्ली में मुस्लिम राजनेता और मुस्लिम संगठनों से जुड़े नुमाइंदे 24 जुलाई को एक बैठक करेंगे। असदुद्दीन ओवैसी, सलमान खुर्शीद, सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और दूसरी पार्टियों के मुस्लिम सांसद इस बैठक का हिस्सा बनेंगे। इनके अलावा मुस्लिम संगठनों में मौलाना अरशद मदनी, मौलाना महमूद मदनी, जमात-ए-इस्लामी, जमात-ए-अहल-ए-हदीस और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के लोग भी मौजूद रहने वाले हैं।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड