Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका, अग्रिम जमानत पर सुनवाई से पहले एक और वकील ने छोड़ा केस

Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह के वकील मृगेंद्र सिंह ने जबलपुर हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले उनका केस नहीं लड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने इस फैसले के पीछे की वजह भी बताई।

Follow : Google News Icon  
Twisha Sharma Death Case
Twisha Sharma Death Case | Image: X

Twisha Sharma Death Case: मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में ससुरालवालों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की भी एंट्री हो चुकी है। सर्वोच्च न्यायालय ने ट्विशा केस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए आज (25 मई) को सुनवाई को सुनवाई की। इस बीच, अब ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को एक और बड़ा झटका लगा है। वकील मृगेंद्र सिंह इस केस से पीछे हट गए हैं।

समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के वकील मृगेन्द्र सिंह ने फैसला किया है कि वे इस मामले की पैरवी नहीं करेंगे। उन्होंने अब से आगे किसी भी सुनवाई में शामिल होने से अपना नाम वापस ले लिया है। उन्होंने ये निर्णय आज (25 मई) को जबलपुर हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले लिया। कोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत पर दोपहर ढाई बजे सुनवाई होनी है।

वकील ने क्यों छोड़ा केस? 

ऐसा दूसरी बार हुआ, जब गिरिबाला के वकील मृगेंद्र सिंह ने इस केस से कदम पीछे खींच लिए। रिपब्लिक से बात करते हुए उन्होंने बताया कि समर्थ के परिवारवाले इस बात से नाराज थे कि मैंने उसे सरेंडर करने को कहा। उन्होंने मेरा बिल भी नहीं चुकाया है और मेरे फोन भी नहीं उठा रहे हैं। पिछले 3 दिनों से परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इससे पहले वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने भी इस मामले में खुद को पीछे हटा लिया था।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ? 

मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि ट्विशा की मौत दुर्भाग्यपूर्ण और अप्राकृतिक है। सुनवाई के दौरान ट्विशा की सास गिरिबाल पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाए कि वो जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। गिरिबाल जांच में बाधा बन रही हैं। मृतक की छवि भी खराब करने की कोशिश की जा रही है।

Advertisement

वहीं, ट्विशा परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज करने में तीन दिन की देरी हुई और सबूतों को सुरक्षित रखने में भी नाकामी रही। सास अपने खुद के CDRs पेश कर रही हैं।

CJI ने दिए ये निर्देश

CJI सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट इस बात से "दुखी" है कि ऐसी बातें कही जा रही हैं कि न्यायपालिका आरोपी को बचा रही है। सुनवाई के दौरान SG ने आश्वासन दिया कि CBI तुरंत जांच अपने हाथ में ले लेगी। कोर्ट ने पीड़ित के परिवार और संभावित गवाहों से कहा कि वे अपने बयान जांच एजेंसी के सामने दर्ज कराएं, न कि मीडिया के सामने आकर बयान दें। उन्होंने मीडिया से अनुरोध किया गया है कि वे संभावित गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने से बचें।

Advertisement

कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर लोगों द्वारा की जा रही अटकलें अब बंद होनी चाहिए और देश की प्रमुख जांच एजेंसी पर भरोसा किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि घटना की निष्पक्ष जांच हो।

यह भी पढ़ें: 'नर्क में जी रही थी ट्विशा, तलाकशुदा बेटी होना, मृत होने से कहीं बेहतर', SG का बड़ा बयान; सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये निर्देश

Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड