Twisha Sharma Case: 'नर्क में जी रही थी ट्विशा, तलाकशुदा बेटी होना, मृत होने से कहीं बेहतर', SG का बड़ा बयान; सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये निर्देश

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बिना किसी पक्ष की मंशा पर सवाल उठाए, इस पूरे मामले से एक बात साफ होती है कि तलाकशुदा बेटी होना, मृत बेटी होने से कहीं बेहतर है।

Follow : Google News Icon  
Twisha Sharma Case Hearing
Twisha Sharma Case Hearing | Image: Republic

एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में आज, 25 मई को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस पर स्वत: संज्ञान लिया है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच मामले पर सुनवाई करते हुए कई अहम निर्देश दिए। कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ट्विशा अपने ससुराल में नहीं, नर्क में जी रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने CBI को मामले की जांच जल्द-जल्द शुरू करने का निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केस को लेकर CJI सूर्यकांत की बेंच ने बेहद सख्त टिप्णणी की। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि माता-पिता के लिए ससुराल में डरी-सहमी बेटी से बेहतर तलाकुशुदा बेटी होती है। वहीं,चीफ जस्टिस ने मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि हम किसी भी तरह के बनाए जा रहे नैरेटिव का कड़ा विरोध करते हैं। 

निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के जांच हो-CJI 

CJI ने कहा, "पीड़ित परिवार या दूसरे परिवार के बयानों पर न जाएं। वरना, एक तबका यह कह रहा है कि न्यायपालिका निष्पक्ष सुनवाई की अनुमति नहीं दे रही है। हमें अपनी राज्य एजेंसियों या CBI पर कोई संदेह नहीं है। ऐसा सिर्फ इसलिए है क्योंकि एक तरह का नैरेटिव (कथा) गढ़ा जा रहा है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है, उसकी निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के जांच हो।"

SG तुषार मेहता ने की सख्त टिप्पणी

मध्य प्रदेश सरकार ने CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक मामले की जांच CBI को सौंपी जाएगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार भोपाल में  ट्विशा का दूसरा पोस्टमॉर्टम कराया गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के विचार के लिए एकमात्र मुद्दा यह है कि मध्य प्रदेश सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने की जो सिफारिश की है, उस पर CBI जल्द काम शुरू करे। 

Advertisement

दोनों पक्ष मीडिया में बयान देने से बचें-SC

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों से सार्वजनिक रूप से या मीडिया मंचों पर बयान देने से बचने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि मीडिया में बयान देने के बजाय अपने-अपने पक्ष जांच एजेंसी के समक्ष दर्ज कराएं, ताकि चल रही जांच पर किसी प्रकार का पूर्वाग्रह या प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। कोर्ट न आगे कहा कि हम मीडिया से भी अनुरोध करते हैं कि वे उन व्यक्तियों के बयान रिकॉर्ड करने से बचें, जो संभावित गवाह हो सकते हैं, क्योंकि इससे उन मुद्दों के परिणामों पर अनावश्यक प्रभाव पड़ सकता है जिनकी जांच अभी की जानी है।

गिरिबाला सिंह पर कोर्ट ने क्या कहा?

SG तुषार मेहता ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की भी भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने अदालत को बताया कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने मीडिया को इंटरव्यू देकर मृतका की छवि खराब करने की कोशिश की है। वो पुलिस को बयान देने के बजाय मीडिया में बयानबाजी कर रही है, जो गलत है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई और कहा कि अदालत उस नैरेटिव के खिलाफ है, जो मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: असम विधानसभा में पेश किया UCC बिल, विरोध में उतरा विपक्ष

Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड