होनहार बिटिया समेत 2 बच्चों के साथ टीचर ने गोदावरी नदी में कार कूदाकर कर ली खुदकुशी, वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप

महाराष्ट्र के नांदेड जिले में एक टीचर ने अपने दो बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली, महिला टीचर ने ये कदम उठाने से पहले एक व्हाट्सएप स्टेटस लगाया जिसमें कुछ शिक्षा अधिकारियों पर उत्मीड़न के आरोप लगाए, जानें क्या है पूरा मामला?

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नांदेड में टीचर ने 2 बच्चों के साथ की खुदकुशी, गोदावरी नदी से कार सहित निकाले तीनों शव; WhatsApp स्टेटस में लगाया उत्पीड़न का आरोप
नांदेड में टीचर ने 2 बच्चों के साथ की खुदकुशी, गोदावरी नदी से कार सहित निकाले तीनों शव; WhatsApp स्टेटस में लगाया उत्पीड़न का आरोप | Image: Republic

Nanded Teacher Suicide: महाराष्ट्र के नांदेड से एक दिल दहला देनेवाली खबर सामने आई, जहां मुदखेड में जिला परिषद शिक्षक सुनील मोरे ने अपने 2 बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, SDRF की टीम ने गोदावरी नदी से कार को बाहर निकाला, फिर कार से तीनों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान सुनील मोरे, उनकी बेटी सारा और बेटे सुमित के रूप में हुई है। सुनील मोरे हिमायतनगर के पोटा बुद्रुक के जिला परिषद विद्यालय में टीचर थी। मृतिका टीचर सुनील मोरे मूल रूप से भोकर तालुका के बेम्बार गांव की रहने वाले थी।

WhatsApp स्टेटस में क्या लिखा था?

खुदकुशी से पहले सुनील मोरे ने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक संदेश पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने समूह शिक्षा अधिकारी और केंद्र प्रमुख पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि इसी कथित उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने ये कदम उठाया।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, वहीं शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। व्हाट्सएप स्टेटस में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों की कथित भूमिका की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। ऐसे में आरोपों की सच्चाई सामने आने के बाद ही एक्शन लिया जाएगा।

वक्त रहने शिकायतों का समाधान जरूरी

ऐसी घटनाएं सरकारी शिक्षकों पर बढ़ते काम के दबाव और शिकायत निवारण सिस्टम में कमियों को दिखाती हैं। कई शिक्षक छोटी-छोटी शिकायतों के समाधान के लिए लंबा इंतजार करते हैं। इससे मानसिक तनाव बढ़ता चला जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों को भी ये सुनिश्चित करना चाहिए कि कर्मचारियों की शिकायतों का समय पर और निष्पक्ष समाधान निकाला जाए। इससे ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।

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फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है, पुलिस और प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी। अगर कोई भी मानसिक तनाव महसूस कर रहा है तो मदद लेनी चाहिए।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड