'ऐसे मौलाना को मार-मारकर पाकिस्तान...', अरशद मदनी के 'जिहाद' वाले बयान पर भड़के संत, क्या है पूरा मामला?
स्वामी विष्णु दास महाराज ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी जैसे लोग केवल मुसलमान भाईयों को भड़काने का काम करते हैं। वे सिर्फ दंगा कराना, नफरत फैलाना और समाज को तोड़ना चाहते हैं। ऐसे मौलाना का बहिष्कार करना चाहिए।
- भारत
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Sant Ouraged Over Arshad Madani Controversial Statement: महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मदनी जैसे लोग देश में सिर्फ दंगा कराना और नफरत फैलाना चाहते हैं। ऐसे मौलाना को मार-मारकर पाकिस्तान भेज देना चाहिए।
दरअसल, मौलाना सैयद अरशद मदनी मंगलवार, 23 जून को उत्तराखंड के हरिद्वार के कलियर पहुंचे थे, जहां उन्होंने उलेमा, हाफिज और मुस्लिम समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विवादित बयान देते हुए कहा कि गुलामी की जंजीर गले से उतारकर फेंकने के लिए जिहाद करना हर मुसलमान का फर्ज है। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार मस्जिदों और मदरसों को ध्वस्त कर रही है। आज मुसलमान मॉब लिंचिंग का शिकार हो रहे हैं।
मुसलमानों को भड़काते हैं मदनी- स्वामी विष्णु दास
अब मदनी के इसी बयान पर स्वामी विष्णु दास महाराज ने कहा, 'मौलाना अरशद मदनी जैसे लोग केवल मुसलमान भाईयों को भड़काने का काम करते हैं। आज कहीं पर भी मुसलमान भाईयों का न ही मस्जिद गिराया जा रहा है, न ही मदरसे गिराए जा रहे हैं और न ही मुसलमानों का कत्ल हो रहा है। हिंदुस्तान में मुसलमान पूरी तरह से सुरक्षित हैं।'
'सिर्फ दंगा कराना और नफरत फैलाना मकसद…'
उन्होंने आगे कहा, 'मौलाना अरशद मदनी जैसे लोग सिर्फ दंगा कराना और नफरत फैलाना चाहते हैं। वे सिर्फ समाज को तोड़ने का काम जानते हैं। ऐसे मौलाना हिंदुस्तान में रहकर हिंदुस्तान के साथ गद्दारी करते हैं। इन मौलाना को मार-मारकर पाकिस्तान और इस्लामाबाद भेज देना चाहिए और इनका बहिष्कार करना चाहिए।'
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महामंडलेश्वर विष्णु दास जी महाराज ने मुसलमानों से इस तरह के मौलानाओं के बहिष्कार की अपील की। उन्होंने कहा, 'सभी मुसलमानों भाईयों को उन मौलानाओं का बहिष्कार करना चाहिए जो भड़काते और नफरत फैलाते हैं।'
अरशद मदनी ने क्या कहा था?
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के दौरान कहा, 'उन्होंने मुल्क की आजादी के लिए जिहाद का पैगाम 1803 के अंदर दिया, जब हमारा मुल्क गुलाम हो गया था और इसको आजाद करने के लिए गुलामी की जंजीर गले से उतारकर फेंकने के लिए जिहाद करना हर मुसलमान का फर्ज है। ये मदरसे से निकली हुई तहरीक है। जो नहीं जानता, वो जाहिल है।'
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केंद्र सरकार मस्जिदों को गिरा रही- मदनी
देश की आजादी की लड़ाई में मुसलमानों और मस्जिदों की भूमिका पर जोर देते हुए मौलाना ने आगे कहा, 'नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा केंद्र सरकार उन्हीं मस्जिदों को गिरा रही है। आजादी के बाद सत्ता में बैठे लोगों ने मुसलमानों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। एक के बाद एक सरकारों ने मुस्लिम समुदाय को दंगों और अशांति में उलझाए रखा, लेकिन मौजूदा सरकार न सिर्फ मुसलमानों के बल्कि खुद इस्लाम के भी खिलाफ है। बुलडोजर की मदद से हमारे धार्मिक स्थलों को गिराया जा रहा है।'
मॉब लिंचिंग का शिकार हो रहे मुसलमान- मदनी
उन्होंने कहा कि देश की आजादी और तरक्की में मुसलमानों का अहम योगदान रहा है। देश प्यार और सद्भाव के बिना नहीं चल सकता, इसके बावजूद आज मस्जिदों और मदरसों को गिराया जा रहा है। मुसलमान मॉब लिंचिंग का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि जिन मुसलमानों ने मुल्क की आजादी के लिए फांसी के तख्तों को चूमा, देश को क्या-क्या दिया और आज बदले में देश मुसलमानों को क्या दे रहा है?