Mahakumbh: प्रयागराज महाकुंभ ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, 12 दिन पहले ही 50 करोड़ का आंकड़ा पार; कब-कब कितने लोगों ने लगाई डुबकी?

महाकुम्भ में श्रद्धालुओं का महारिकॉर्ड बन गया है। संगम में डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा 50 करोड़ पार हो गया।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
29 crore 64 lakh devotees have taken a dip of faith in Mahakumbh
प्रयागराज महाकुंभ ने बनाया महारिकॉर्ड। | Image: @myogioffice

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। महाकुम्भ में श्रद्धालुओं का महारिकॉर्ड बन गया है। संगम में डुबकी लगाने वालों का आंकड़ा 50 करोड़ पार हो गया। महाकुम्भ में अब तक 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम स्नान किया। महाकुम्भ दुनिया का पहला आयोजन बन गया है, जहां 50 करोड़ से अधिक लोग प्रत्यक्ष सहभागी बने।

इतिहास के किसी आयोजन में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के सहभागी होने का प्रमाण नहीं है। चीन और भारत की आबादी को छोड़ दें, तो महाकुम्भ में उतने लोग शामिल हुए, जितनी दुनिया के बड़े देशों की जनसंख्या तक नहीं है। अमेरिका, रूस, इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान और बांग्लादेश की जनसंख्या से अधिक लोगों ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई।

महाकुम्भ के समापन से 12 दिन पहले ही स्नानार्थियों की संख्या ने कीर्तिमान रचा। योगी आदित्यनाथ सरकार के सुव्यवस्थित प्रबंधों से महाकुम्भ 2025 ऐतिहासिक बन गया। महाकुम्भ में पौष पूर्णिमा पर 1.70 करोड़, मकर संक्रांति पर 3.50 करोड़, मौनी अमावस्या पर 7.64 करोड़, बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़, माघ पूर्णिमा पर 2.04 करोड़ स्नानार्थियों ने डुबकी लगाई थी।

महाकुंभ में रिकॉर्ड को लेकर क्या बोले CM योगी?

वहीं सीएम योगी ने इसे लेकर लिखा, "भारत की आध्यात्मिकता, एकात्मता, समता और समरसता के जीवंत प्रतीक महाकुम्भ 2025, प्रयागराज में अब तक पावन त्रिवेणी में 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। भारत की कुल जनसंख्या में 110 करोड़ नागरिक सनातन धर्मावलंबी हैं और उसमें से 50 करोड़ से अधिक नागरिकों द्वारा संगम में पवित्र स्नान उत्कृष्ट मानवीय मूल्यों की श्रेष्ठतम अभिव्यक्ति महान सनातन के प्रति दृढ़ होती आस्था का परिचायक है। वास्तविक अर्थों में भारत की लोक आस्था का यह अमृतकाल है।"

Advertisement

उन्होंने आगे लिखा कि एकता और आस्था के इस 'महायज्ञ' में पवित्र स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त करने वाले सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन! मानवता के इस महोत्सव के सकुशल आयोजन में सहभागी महाकुम्भ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वच्छताकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं धार्मिक संस्थाओं, नाविकों तथा महाकुम्भ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हृदय से साधुवाद तथा प्रदेश वासियों को बधाई! भगवान तीर्थराज प्रयाग सभी की मनोकामना पूर्ण करें!

स्वच्छता का विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में बढ़ा महाकुंभ

तीर्थराज प्रयागराज की धरती ना केवल भव्य महाकुंभ रूप में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर का साक्षात्कार कर रही है, बल्कि संगमनगरी विश्व रिकॉर्ड का भी साक्षी बनने जा रही है। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, महाकुंभ में शुक्रवार को 50 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम और गंगा में स्नान के विश्व रिकॉर्ड के साथ ही स्वच्छता की दिशा में भी एक अनूठा रिकॉर्ड बनने जा रहा है। इसके तहत, 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने शुक्रवार को एक साथ अलग-अलग घाटों पर गंगा की सफाई की।

Advertisement

महाकुंभ में बनाया स्वच्छता का विश्व रिकॉर्ड

स्वच्छता के विश्व रिकॉर्ड के लिए मेला प्राधिकरण की ओर से सभी निर्धारित प्रक्रिया को अपनाया गया। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि इस पूरी प्रक्रिया का सत्यापन करेंगे और इस रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के बाद इसका प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे। प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद यह अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड होगा, जहां एक साथ इतने सफाई कर्मियों ने अलग-अलग घाटों पर आधे घंटे से ज्यादा समय तक घाटों पर सफाई का अभियान चलाया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार, प्रयागराज में जारी महाकुंभ की वैश्विक छवि को देखते हुए सरकार ने नदी की सफाई को लेकर जन जागरुकता अभियान छेड़ा हुआ है जिसकी वजह से महाकुंभ में आ रहे करोड़ों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन, निर्मल और स्वच्छ जल में स्नान कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: Delhi New CM: दिल्ली को इस तारीख को मिल जाएगा नया CM, पहले कैबिनेट में क्या-क्या होगा? रेस में शामिल नेताओं ने किया खुलासा

Published By:
 Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड