MP: कफ सिरप पीने से किडनी हुई थी फेल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 6 बच्चों की मौत पर बड़ा खुलासा; इस मातम का जिम्मेदार कौन?

डॉक्टर की पर्ची पर दो कफ सिरप के नाम लिखें हैं। कफ सिरप्स, Coldrif और Nextro-DS, फिलहाल छिंदवाड़ा में दोनों कप सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

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कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत से हड़कंप | Image: Republic

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 6 बच्चों की मौत के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। 10 दिनों से बच्चों की लगातार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हुआ। अब जांच में जो सामने आया वो काफी चौकाने वाला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि बच्चों की किडनी फेल होना मौत की बड़ी वजह बनी।


प्रारंभिक जांच में किडनी बायोप्सी रिपोर्ट्स से पता चला है कि बच्चों की मौत का कारण टॉक्सिन मेडियटेड किडनी फेल्योर हो सकता है, जिसके पीछे दो तरह के कफ सिरप का इस्तेमाल बताया जा रहा है। जिन बच्चों को सर्दी-खांसी और बुखार की शिकायत थी उन्होंने ये कफ सिरफ दिया था। कप सिरप पीने के बाद धीरे-धीरे बच्चों की किडनी फेल हो गई। नागपुर और छिंदवाड़ा में अभी कई और बच्चे भी अस्पताल में भर्ती हैं।

ये दो कप सिरप बनी मौत की वजह

डॉक्टर की पर्ची पर दो कफ सिरप के नाम लिखें हैं। कफ सिरप, Coldrif और Nextro-DS। छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद में दोनों कप सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, 20 सितंबर से बड़कुही,परासिया, उमरेठ, जाटाछापर और आसपास के क्षेत्रों में बच्चों में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण दिखाई देने शुरू हुए। परिजनों ने स्थानीय डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर्स से कफ सिरप खरीदकर बच्चों को दिया था।

शुरुआत में बच्चों में यूरिन आना हुआ बंद

माता-पिता ने बताया कि दवा देने के कुछ ही दिनों में बच्चों में यूरिन बंद होने की शिकायत शुरू हुई और उनकी हालत बिगड़ने लगी। परासिया और छिंदवाड़ा के अस्पतालों में भर्ती किए गए कई बच्चों को गंभीर स्थिति के कारण नागपुर रेफर किया गया। इलाज के बावजूद 6 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य का इलाज चल रहा है।

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स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप 

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पूरे मामले पर कहा कि कफ सिरप को मौत की पुष्टि के लिए सिरप के नमूने जांच के लिए ICMR और नागपुर की प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों का सटीक कारण सामने आएगा।" वहीं, इतने बच्चों के मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जिला कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने जिले के अधिकारियों के साथ मीटिंग की जिसमें सीएमएचओ, मेडिकल कॉलेज डीन, डॉक्टर्स, ड्रग्स इंस्पेक्टर और बाकी अधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद फिलहाल कोल्ड्रिफ (Coldrif) और नेक्सट्रॉस डीएस (Nextro-DS) कफ सीरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। मगर सबसे बड़ा सवाल कि आखिरकार इन मासूमों की मौत का जिम्मेदार कौन है?

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Published By:
 Rupam Kumari
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