Jabalpur Cruise Incident: कलेजे के टुकड़े को बचाने के लिए मरते दम तक लड़ती रही मां, क्रूज में मिला शव पहली बार बाहर आया तो डबडबा गईं सबकी आंखें
जबलपुर क्रूज हादसे के बाद गोताखोरों को एक मां और बच्चे का शव ऐसी हालत में मिला जिसे देख सबकी आंखें नम हो गईं। मां ने बच्चे को कसकर सीने से लगा रखा था। जानें क्यों ये दृश्य देख गोताखोरों की टीम सुबक पड़ी। पढ़ें पूरी खबर।
- भारत
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Jabalpur Cruise Tragedy Mother Child Bond: मध्य प्रदेश में जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। बचाव कार्य के दौरान गोताखोरों के सामने एक ऐसा दृश्य आया, जिसे देखकर बचाव दल की आंखों में भी आंसू आ गए। गहरे पानी में डूबे क्रूज के मलबे से जब एक महिला का शव निकाला गया, तो वह अपने मासूम बच्चे को कलेजे से कसकर चिपकाए हुए थी। इतना बड़ा साहस एक मां ही दिखा सकती है कि अपनी जान बचाए बिना बच्चे को छाती से लगाए रखा। उस मां को बता था अगर उसने बच्चे को नहीं छोड़ा तो वो क्रूज से बाहर नहीं निकल पाएगी, फिर भी मां ने बच्चे को हाथों में पकड़े रखा, छोड़ा नहीं और आखिर में अपना बलिदान दे दिया लेकिन बच्चे को नीचे नहीं छोड़ा।
तस्वीर इतनी विचलित करने वाली है कि हम ओरिजिनल फोटो बिना ब्लर किए नहीं दिखा सकते।
मृत मां ने बच्चे को कलेजे से लगाया हुआ था
रेस्क्यू टीम के मुताबिक, महिला का शव जहाज के एक कोने में फंसा था। गोताखोरों ने बताया कि मां ने अपने बच्चे को इतनी मजबूती से पकड़ रखा था कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर पाई। बचाव दल के एक सदस्य ने भावुक होते हुए कहा कि, शुरुआत में हमें लगा कि सिर्फ एक शव है, लेकिन पास जाने पर देखा कि मां ने अपने बच्चे को आगोश में ले रखा था। यह ममता की वह पराकाष्ठा थी, जिसे देख पूरी टीम सुबक पड़ी।
हमारी टीम ये देख भावुक हो गई- गोताखोर
एक गोताखोर ने बताया, 'शुरुआत में हमें मलबे से एक महिला का शव निकालने में मुश्किल हुई। फिर हमने देखा कि उसने अपने बच्चे को कसकर पकड़ रखा था और उन्हें अलग करना मुश्किल था। हमारी टीम इस दृश्य को देखकर बहुत भावुक हो गई।'
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चुनौतीपूर्ण क्यों है रेस्क्यू ऑपरेशन
आगरा से आई अर्धसैनिक बल की गोताखोर टीम को इस ऑपरेशन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि पानी के अंदर अंधेरा और विजिबिलिटी लगभग शून्य थी। क्रूज का ढांचा टूटने के कारण लोहे की नुकीली छड़ें बाहर निकली थीं, जिनसे गोताखोरों की जान को भी खतरा था। गोताखोर टीम को हथौड़ों और कटर की मदद से रास्ता बनाना पड़ा ताकि शवों को बाहर निकाला जा सके।
28 को बचाया, अभी भी 6 लोग लापता
गुरुवार (30 अप्रैल) को आए भीषण तूफान के कारण हुए इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बचाव दल ने 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जबकि 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है। यह तस्वीर मां के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाती है। क्योंकि डूबते जहाज पर भी खुद से पहले अपने बच्चे की सुरक्षा को चुनना, इतना बड़ा साहस एक मां ही दिखा सकती है।