क्रूज हादसा: बचाई जा सकती थी 13 जानें! बीच लहरों में बंद हो जाता था इंजन... मैनेजर ने दी थी चेतावनी, सिस्टम की खुली पोल

जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। 13 मौतों से पहले ही मैनेजर ने क्रूज के खराब इंजन को लेकर चेतावनी दी थी। क्या बचाई जा सकती थी 13 जानें? मैनेदप की चेतावनी ने खोली सिस्टम की पोल, पढ़िए रिपोर्ट

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Bargi Dam Cruise Accident
जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर बड़ा खुलासा | Image: Republic

Jabalpur Cruise Tragedy News: मध्य प्रदेश के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 30 अप्रैल को हुए इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे को लेकर सामने आया है कि हादसे के 2 महीने पहले ही उच्च अधिकारियों को क्रूज की जर्जर हालत के बारे में आगाह कर दिया गया था, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया।

मैनेजर ने दी थी चेतावनी, लेकिन अनसुनी हुई  

बरगी के मैकल रिसोर्ट के वॉटर स्पोर्ट्स विंग के मैनेजर ने मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) के क्षेत्रीय प्रबंधक को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि क्रूज अब चलने लायक नहीं बचा है। मैनेजर ने हैदराबाद के विशेषज्ञों (मैसेज हैदराबाद बोट बिल्डर) की उस रिपोर्ट का हवाला भी दिया था, जिसमें कहा गया था कि क्रूज के इंजन पुराने हो चुके हैं और उनके स्पेयर पार्ट्स अब बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। तत्काल इंजन बदलने की सिफारिश भी की गई थी।

बीच लहरों में बंद हो गया था इंजन

सामने आए पत्र में 14 जनवरी 2025 की एक घटना का भी जिक्र किया गया है, जिसमें  मैनेजर ने बताया था कि एक राउंड के दौरान क्रूज के दोनों इंजन अचानक सीज हो गए थे। उस समय तेज हवाओं और लहरों के बीच क्रूज फंस गया था और उसे निकालने के लिए स्पीड बोट का सहारा लेना पड़ा था। इसके बावजूद, पर्यटकों की जान जोखिम में डालकर इस 'खटारा' क्रूज का संचालन जारी रखा गया।

20 साल पुराना था क्रूज  

हादसे का शिकार हुआ क्रूज साल 2006 में बरगी लाया गया था। इसकी तकनीकी मियाद लगभग खत्म हो चुकी थी। क्रूज के दूसरे इंजन के सेल्फ में भी समस्या थी, जिससे वह स्टार्ट होने में घंटों लेता था। मैनेजर ने शिकायत की थी कि बार-बार सेवाएं बंद होने से पर्यटक नाराज होते हैं, फिर भी मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई।

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हादसे का जिम्मेदार कौन?

हादसे के बाद अब यह पत्र सामने आने से यह साफ है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही थी। मैनेजर की लिखित चेतावनी के बावजूद 13 मासूमों को उस क्रूज पर क्यों चढ़ने दिया गया, यह अब जांच का सबसे विषय बनता है।  

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Published By:
 Nidhi Mudgill
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