अपडेटेड 25 February 2026 at 21:36 IST

Indore: सरोगेसी के नाम पर कपल को बनाया बंधक, नामी डॉक्टर पर नवजात बच्चे के अपहरण और महिला से रेप का आरोप

इंदौर में IVF (In Vitro Fertilization) और सरोगेसी के नाम एक नामी डॉक्टर ने दंपत्ति को 8 महीने तक बंदी बना कर रखा, इतना ही नहीं महिला के साथ डॉक्टर ने दुष्कर्म भी किया, इसके बाद जब बच्चा पैदा हुआ तो उसका अपहरण कर डॉक्टर अपने साथ ले गया। जानें क्या है पूरा मामला?

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सत्य विजय सिंह की रिपोर्ट

Indore Surrogacy Fraud: मध्य प्रदेश के साफ-सुथरे इंदौर शहर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक नामी डॉक्टर पर आरोप है कि उसने IVF और सरोगेसी का झांसा देकर एक दंपत्ति को फंसाया, 8 महीने तक उन्हें बंधक बनाकर रखा और महिला से बलात्कार भी किया, इसके बाद जब बच्चे का जन्म हुआ तो आरोपी डॉक्टर जन्मे बच्चे को अपने साथ ले गया। 

इंदौर के बड़े अस्पताल से जुड़े एक डॉक्टर ने ये पूरा षड्यंत्र रचा। पीड़ित दंपत्ति ने सभी सबूतों के साथ जब इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को शिकायत दी तो, मामले की जांच शुरू की गई। हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और डॉ. रूपाली राठौर के साथ दंपत्ति ने पूरी घटना पुलिस कमिश्नर के सामने रखी। एडवोकेट कुन्हारे के मुताबिक लव मेरिड कपल दंपत्ति पर काफी कर्जा था जिसके लिए उनके एक परिचित ने एक डॉक्टर से मिलवाया और लोन सेटल करवाने का आश्वासन दिया।

नशा देकर महिला से किया दुष्कर्म 

मुलाकात के बाद डॉक्टर ने खुद को बड़े हॉस्पिटल का विशेषज्ञ बताते हुए IVF और सरोगेसी के नाम पर पहले विश्वास जीता, फिर कई ब्लैंक स्टाम्प पेपर्स, आधार की कॉपी और धमकियों के दम पर पीड़िता की तीन बार IVF करवाया लेकिन वह फेल हो गया, जिसके बाद दबाव बनाकर महिला को इंदौर के एक प्रसिद्ध होटल ले गया और नशीला पदार्थ मिलाकर दुष्कर्म किया।

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बच्चे को छीनकर ले गया डॉक्टर

गर्भवती होने पर दंपत्ति को धमकाकर एक फ्लैट में CCTV कैमरों की निगरानी में कैद रखा गया। इस दौरान दोनों पति पत्नी पर ऑडियो सोर्स वाले CCTV लगाकर निगाह रखी जाती थी। 8वें महीने के दौरान जब महिला को गर्भ में समस्या हुई तो पीड़िता ने मदरहुड हॉस्पिटल में एक पुत्र को जन्म दिया। लेकिन हॉस्पिटल से बाहर निकलते ही आरोपी डॉक्टर और उसके साथियों ने बच्चे को जबरन छीनकर ले गए, पति का मोबाइल फॉर्मेट किया और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। बाद में दंपत्ति को बच्चे से मिलने के लिए 2 बार दशहरा मैदान बुलाया गया, जहां पिस्टल दिखाकर डराया गया।

भारत में कमर्शियल सरोगेसी पर प्रतिबंधित है

पीड़िता के मुताबिक, डॉक्टर के साथियों ने फर्जी क्षतिपूर्ति समझौता, झूठे दस्तावेज और यहां तक कि बच्चे की फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तक तैयार करवाया गया। दंपत्ति ने आशंका जताई है कि आरोपी विदेश भागने की फिराक में है और बच्चे की जान को भी खतरा है। वहीं,  हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है, लेकिन मजबूर महिलाओं का शोषण अभी भी हो रहा है। पीड़िता और उसके बच्चा की पहचान सुरक्षित रखने के लिए आरोपी डॉक्टर का नाम उजागर नहीं किया गया है। यह मामला इंदौर जैसे शहर को झकझोर देने वाला है, महिला थाना पुलिस अब पूरी गंभीरता से मामले की जांच में जुट गई है।

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 25 February 2026 at 21:22 IST