ग्वालियर में दर्दनाक हादसा, बेकाबू ट्रक ने मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को रौंदा; अब तक 14 की मौत

ग्वालियर में एक बेकाबू ट्रक रास्ते में लगाए गए पुलिस बैरिकेड्स पार कर बढ़ा। इस दौरान सड़क पर पैदल चल रहे श्रद्धालु इस अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आ गए। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई।

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14 Dead as Truck Runs Over Devotees Near Sheetla Mata Temple in Gwalior
14 Dead as Truck Runs Over Devotees Near Sheetla Mata Temple in Gwalior | Image: X

Gwalior Shitala Mata Temple Accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के रास्ते पर एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने 40 से ज्यादा लोगों को कुचल दिया। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब 39 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

हादसे के वक्त ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों समेत सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 7 घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं की भीड़ को रौंदा

जानकारी के मुताबिक, नवरात्रि के मौके पर शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान आधी रात के बाद करीब डेढ़ बजे एक बेहद दुखद और भीषण हादसा हो गया। पहाड़ी से नीचे उतर रहा अनाज से भरा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। ढलान होने के कारण चालक ट्रक पर काबू नहीं रख सका और वह सीधे मंदिर के बाहर लगी दुकानों और वहां मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ मंदिर के गेट में जा घुसा।

इस भयावह हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। लोग बदहवासी की हालत में अपनों की तलाश में इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में हादसे के बारे में पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस और राहत दल ने बचाव अभियान शुरू किया।

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अपनों को खोने वाले लोग सदमे में

इस हादसे में कई श्रद्धालुओं ने अपनों को खो दिया है। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना में अपने बेटे को खोने वाले दिव्यांश की मां कहती हैं, 'वहां मेरी बहू और मेरे बड़े और छोटे बेटे थे। मुझे सुबह 6 बजे इस बारे में बताया गया। मेरी बेटी उन्हें ढूंढ़ने गई, लेकिन पुलिस ने उसे जाने नहीं दिया। पुलिस मेरी मदद क्यों नहीं कर रही है? आप ही बताइए अगर यह आपका अपना बच्चा होता, तो क्या आपको तकलीफ नहीं होती?'

‘हादसा 2 बजे हुआ, बच्चे को 4 बजे अस्पताल क्यों ले जाया गया?’

एक और दुखी परिजन ने सवाल किया, ‘अगर हादसा 2 बजे हुआ था, तो उसे 4 बजे अस्पताल क्यों ले जाया गया? उन्हें उसी समय पर लाना चाहिए था। अब बच्चा नहीं रहा और अधिकारी कह रहे हैं कि कागजों पर दस्तखत कर दो। हमें बताया गया था कि उसका इलाज चल रहा है; हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि हमारा बच्चा अब इस दुनिया में नहीं रहा।’

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ट्रक ओवरलोडेड था- प्रत्यक्षदर्शी 

वहीं घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी और घायल व्यक्ति के भाई ने बताया कि ट्रक में जरूरत से ज्यादा माल लदा हुआ था। यह अचानक आया और अनियंत्रित हो गया, जिससे मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा, 'यह घटना रात करीब 1 बजे घटी। मैंने कुछ लोगों को मौके पर ही मरते देखा। ट्रक ओवरलोडेड था; वह अचानक आया और कुछ दुकानों और लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। मेरे भाई को भी चोटें आईं। घटनास्थल पर अभी भी अफरा-तफरी का माहौल है।'

पुलिस चेकपॉइंट्स भेदकर कैसे निकल गया ट्रक?

घटना के संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि यह जांच का विषय है कि नवरात्रि के दौरान सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए बैरिकेड्स और पुलिस चेकपॉइंट्स को भेदकर यह ट्रक कैसे निकल गया। इस चूक की पूरी पड़ताल की जा रही है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड