'मेरा कद अब बड़ा नहीं रहा, मैं नाराज...', दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा बोले- BJP में जन्मा हूं, BJP में ही मरूंगा
दतिया उपचुनाव के लिए टिकट कटने के बाद से नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक चाल को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में लगातार चर्चाओं का बाजार गर्म है।
- भारत
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दतिया उपचुनाव के लिए टिकट कटने के बाद से नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक चाल को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में लगातार चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी बीच रविवार को उन्होंने खुद सामने आकर हर सवाल का जवाब दिया और अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की। दरअसल, नरोत्तम मिश्रा दिल्ली दौरे पर थे, जहां पार्टी के कुछ बड़े नेताओं से उनकी बातचीत हुई।
हालांकि, किन नेताओं से मुलाकात हुई, इसका खुलासा उन्होंने नहीं किया। पार्टी अध्यक्ष से भेंट के सवाल पर उन्होंने टाल-मटोल करते हुए कहा कि जैसे ही बैठक होगी, वे इसकी जानकारी सार्वजनिक कर देंगे।
अमित शाह से नहीं हुई कोई बातचीत
गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक की अटकलों को नरोत्तम मिश्रा ने पूरी तरह खारिज किया। उनका कहना था कि इस समय शाह दिल्ली में मौजूद ही नहीं हैं, लिहाजा मुलाकात का समय मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका दिल्ली आना अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि यह यात्रा पहले से तय थी।
बीजेपी में ही रहेंगे
अपने पाला बदलने की उड़ती खबरों पर नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसते हुए कहा कि इस तरह की अफवाहों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि उनका जन्म बीजेपी में हुआ है और अंत भी इसी पार्टी में होगा, इसलिए कहीं और जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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टिकट कटने के मुद्दे पर उन्होंने स्वीकार किया कि उनका कद अब बड़ा नहीं रहा। साथ ही उन्होंने साफ किया कि इसके लिए किसी पर आरोप लगाने की बजाय वे खुद आत्मनिरीक्षण करेंगे। आगे से एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह संगठन के लिए काम करते रहेंगे, क्योंकि पार्टी का निर्णय ही अंतिम माना जाता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि न तो वे पहले नाराज थे और न अब हैं।
आशुतोष तिवारी की जीत का दावा
दतिया से नए प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की तारीफ करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने भरोसा जताया कि उनकी जीत तय है। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद तिवारी के नामांकन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और सीट पर बीजेपी की जीत सुनिश्चित है।
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कांग्रेस को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति उनका नजरिया पहले जैसा ही बना हुआ है। कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी किसे बनाया, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने इस मुकाबले को "राजा और फकीर की लड़ाई" बताते हुए दोहराया कि दतिया में जीत बीजेपी की ही होगी।