'ट्विशा शर्मा के वजन के बराबर बनाया पुतला, फिर उसे फंदे पर लटकाया, गिरीबाला ने खोली गांठ और समर्थ...', CBI ने किया सीन रीक्रएट, खुलेगा राज?
भोपाल में 12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत हो गई। शुरुआत में आत्महत्या बताया गया, लेकिन अब CBI जांच कर रही है। पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप हैं। 1 जून को CBI ने घर में क्राइम सीन रिक्रिएशन किया। 80 किलो डमी से बयानों की सच्चाई जांच की है।
- भारत
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MP News: भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच को निर्णायक मोड़ देते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 1 जून 2026 को CBI टीम ने आरोपियों समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को घटनास्थल पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम को दोबारा रिक्रिएट किया।
12 मई, 2026 को ट्विशा शर्मा शव ससुराल में फांसी के फंदे से लटका मिला था। शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन अब इसकी जांच CBI कर रही है। ट्विशा के माता-पिता को शक हुआ कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि कुछ और हो सकता है।
क्राइम सीन रिक्रिएशन
CBI की टीम ने ट्विशा की ससुराल में क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए डमी पुतले का इस्तेमाल करते हुए घटना को दोहराया। जानकारी के अनुसार 80 किलो वजन वाले डमी पुतले से ट्विशा के वजन का अनुमान लगाया जा रहा है।
गिरिबाला सिंह ने खोली फंदे की गांठ
रिमांड खत्म होने के पहले CBI समर्थ और गिरिबाला को लेकर उनके घर पर पहुंची। समर्थ सिंह के बयान के अनुसार उन्होंने ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था और गिरिबाला सिंह ने जिम्नास्टिक वाले फंदे की गांठ खोली थी। CBI अब बेल्ट की मजबूती और वजन सहन करने की क्षमता की जांच कर रही है।
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क्यों महत्वपूर्ण है यह रिक्रिएशन?
CBI इस रिक्रिएशन के जरिए यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि ट्विशा की मौत आत्महत्या थी या हत्या। घटना के बाद समर्थ सिंह के लापता होने और बाद में आत्मसमर्पण करने, CCTV फुटेज और गिरिबाला सिंह के बयानों ने पूरे मामले को और जटिल बना दिया था।
CBI की इस पूरी प्रक्रिया से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। जांच एजेंसी फोरेंसिक साक्ष्यों और वैज्ञानिक तरीके से हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही है।
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28 मई को गिरफ्तार
12 मई, 2026 को भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई को लेकर भी कुछ अंतर सामने आया था, जिसके चलते CBI ने अलग-अलग हाइट वाले डमी पुतलों का भी इस्तेमाल किया। गिरिबाला सिंह को 28 मई को गिरफ्तार किया गया था। 29 मई को CBI को दोनों आरोपियों की 2 जून तक रिमांड मिली।