आसाराम के बेटे नारायण साईं का हुआ तलाक, पत्नी जानकी ने मांगे थे 5 करोड़, कोर्ट ने इतने रुपये में तय की एलिमनी
Narayan Sai Divorce: दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी हरपलानी के तलाक को कोर्ट से मंजूरी मिल गई है।
- भारत
- 3 min read

Narayan Sai Divorce: दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी हरपलानी के लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद को खत्म करते हुए इंदौर की फैमिली कोर्ट ने तलाक की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नारायण साईं को निर्देश दिया है कि वह तीन महीने के अंदर एलीमनी यानि स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में जानकी को दो करोड़ रुपये का भुगतान करें।
बता दें कि नारायण साईं फिलहाल दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सूरत जेल में बंद हैं। जानकी हरपलानी ने अपने वकील अनुराग गोयल के माध्यम से तलाक की अर्जी दाखिल की थी। अब अनुराग ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में तलाक को लेकर डिटेल्स दी हैं।
नारायण साईं और जानकी के तलाक को मंजूरी
वकील अनुराग चंद्र गोयल ने बताया कि जानकी ने मानसिक क्रूरता के आधार पर नारायण साईं से तलाक के लिए अर्जी दी थी और 5 करोड़ रुपये का गुजारा भत्ता मांगा था। कोर्ट को नारायण साईं के अवैध संबंधों के सबूत मिले और खुद उन्होंने भी स्वीकार किया कि वो शादी के बाद कभी जानकी के साथ नहीं रहे। ऊपर से सूरत में बलात्कार के मामले में उनकी उम्रकैद की सजा ने तलाक के मामले का समर्थन किया। ये सब देखते हुए कोर्ट ने पर्मानेंट एलिमनी के रूप में 2 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया है।
50 लाख रुपये का बकाया बाकी
वकील ने आगे खुलासा किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत, जानकी को 50,000 रुपये प्रति माह भरण-पोषण दिया गया था, लेकिन लगभग 50 लाख रुपये का बकाया अभी भी अदा नहीं किया गया है। इंदौर कलेक्टर को साईं की संपत्तियों पर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। गोयल ने बताया कि ‘इंदौर में उनका एक फ्लैट भी है जिसमें जानकी 50% की मालकिन हैं। उन्होंने अपने हिस्से का पूरा ट्रांसफर मांगा है। साईं के वकीलों ने 2 करोड़ रुपये की देनदारी स्वीकार की है, लेकिन हम हाई कोर्ट में इसे बढ़ाने की अपील करने की योजना बना रहे हैं। नारायण साईं और जानकी की शादी 2008 में हुई थी लेकिन 2013 में दोनों अलग हो गए थे’।