MP: हाई कोर्ट फैसले के बाद धार के भोजशाला परिसर में पूजा-अर्चना शुरू, कलेक्टर और SP भी हुए शामिल,कहा- ASI के निर्दशों पर होगा काम

हाई कोर्ट के फैसले के बाद रविवार को भोजशाल में भव्य पूजा अर्चना का कार्यक्रम चल रहा है। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और एसपी सचिन शर्मा भी पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

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Worship Begins at Dhar's Bhojshala
हाई कोर्ट फैसले के बाद धार के भोजशाला परिसर में पूजा-अर्चना शुरू | Image: ANI

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मान लिया है। हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का अधिकार भी दे दिया। कोर्ट के इस फैसले के एक दिन बाद आज, रविवार को भोजशाला में पूजा-अर्चना और हवन हो रहा है। धार के कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और SP सचिन शर्मा भोजशाला परिसर में पूजा-अर्चना में शामिल हुए। कोर्ट ने हिंदू पक्ष की मूर्ति स्थापना की मांग को भी स्वीकार कर लिया है।

हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि राजा भोज के काल में यह शिक्षा का प्रमुख केंद्र था, इसलिए यहां मूर्ति स्थापना की जा सकती है। अदालत ने पुरातात्विक व ऐतिहासिक साक्ष्यों, पुरातत्व सर्वेक्षण भारत (ASI) की रिपोर्ट, ASI एक्ट के प्रावधानों और अयोध्या मामले के फैसले को आधार बनाया है। इस फैसले के बाद  आज 17 मई को भोजशाला मंदिर में मां वाग्देवी की प्रतीकात्मक प्रतिमा को विराजित कर दिया गया है।

भोजशाला में भव्य-पूजा अर्चना

रविवार को भोजशाल में भव्य पूजा अर्चना का कार्यक्रम चल रहा है। सुबह 6:30 बजे भक्तों ने मां वाग्देवी के चित्र को गर्भग्रह में स्थापित किया। दिनभर हवन-पूजन होगा। धार स्थित भोजशाला परिसर में पूजा-अर्चना शुरू हो गई। धार कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और एसपी सचिन शर्मा भी पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

कोर्ट के फैसले के आधार पर काम होगा-कलेक्टर

कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने कहा, "न्यायालय के आदेश में ASI को जिम्मेदारी दी गई थी कि वो यहां के संदर्भ में निर्देश जारी करें...आज उसी के संदर्भ में यहां पूजा हो रही है...ASI के निर्दशों के अनुरूप आगे यहां व्यवस्थाएं की जाएंगी।"

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कोर्ट ने ASI को दिया ये निर्देश

ASI की रिपोर्ट और कोर्ट के निर्देशों के आधार पर परिसर में आगे की कार्यवाही की जाएगी।यह फैसला भोजशाला विवाद में लंबे समय से चले आ रहे विवाद को एक महत्वपूर्ण मोड़ देते हुए हिंदू पक्ष के पक्ष में आया है। भोजशाला को लेकर दोनों समुदायों के बीच दशकों पुराना विवाद पर कोर्ट के फैसले के बाद विराम लग गया।

क्या है भोजशाला विवाद

बता दें कि भोजशाला मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एक प्राचीन स्मारक है। इसे लेकर सालों से विवाद चला आ रहा है। हिंदू पक्ष का मानना है कि यह वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर और एक संस्कृत पाठशाला है। जबकि मुस्लिम पक्ष इसे 'कमाल मौला मस्जिद' कहता है। अब तक की व्यवस्था के अनुसार, हिंदू समुदाय के लोग मंगलवार को वहां पूजा करते थे और मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार को वहां नमाज अदा करते थे।
 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड