अपडेटेड 13 March 2026 at 12:19 IST

Cylinder Vs Induction: सिलेंडर चुनेंगे या इंडक्शन? पूरे महीने इंडक्शन पर खाना बनाओगे तो इतना आएगा बिल, जानिए असली गणित 

Induction stove vs Gas stove: LPG गैस सिलेंडर या इंडक्शन में क्या बेहतर है? समझिए कैसे बिना सब्सिडी पर इंडक्शन से खाना बनाना सस्ता पड़ सकता है। सिलेंडर और इंडक्शन की लागत और तुलना जानें। एक महीने में इतनी होगी बचत, पढ़ें 

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Induction vs Cylinder
LPG गैस सिलेंडर या इंडक्शन में क्या बेहतर है? समझिए | Image: AI- Representative

Induction stove vs Gas stove: रसोई में LPG सिलेंडर की किल्लत और कीमतें इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। कई घरों में सवाल उठ रहा है कि क्या इंडक्शन कुकटॉप गैस से सस्ता ऑप्शन हो सकता है? क्योंकि बिना सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर के मुकाबले इंडक्शन थोड़ा किफायती साबित हो सकता है।

LPG चूल्हे की क्षमता (Efficiency) करीब 40-55 प्रतिशत होती है और गैस का बड़ा हिस्सा हवा में बर्बाद हो जाता है। वहीं इंडक्शन इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक से बर्तन को सीधे गर्म करता है, जिससे इसकी एफिशिएंसी 85-90 प्रतिशत तक पहुंचती है। इससे ऊर्जा की बचत होती है।

इंडक्शन से एक महीने में 624 रुपये का खर्च

दिल्ली में एक 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत फिलहाल 913 रुपये है। अगर एक सिलेंडर महीने भर चलता है, तो रोजाना खर्च लगभग 30 रुपये आता है। वहीं, इंडक्शन से समान मात्रा में खाना पकाने के लिए करीब 78 यूनिट बिजली लगती है। दिल्ली में घरेलू बिजली दर स्लैब के मुताबिक 3 से 8 रुपये प्रति यूनिट है। औसतन 8 रुपये मानें तो महीने का खर्च लगभग 624 रुपये होता है। इससे हर महीने 250-300 रुपये की बचत संभव है।

LPG का सालाना खर्च 8000 रुपये

इंस्टिट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (IEEFA) की स्टडी के मुताबिक, दिल्ली में 4 सदस्यीय परिवार के लिए बिना सब्सिडी वाले LPG पर सालाना खर्च करीब 8,000 रुपये होता है। वहीं इंडक्शन (ई-कुकिंग) से यह मात्र 5,844 रुपये रह जाता है, यानी 37 प्रतिशत तक इंडक्शन आपको सस्ता पड़ सकता है।

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सब्सिडी वाले LPG पर गैस अभी भी कुछ सस्ती पड़ सकती है, लेकिन बिना सब्सिडी पर इंडक्शन साफ-साफ फायदेमंद है। शुरुआती निवेश की बात करें तो एक अच्छा इंडक्शन कुकटॉप 2,000 से 4,000 रुपये में मिल जाता है। इसके लिए फ्लैट बॉटम वाले स्टील या आयरन के बर्तन चाहिए होते हैं। कुलमिलाकर इंडक्शन का खर्च एक साल की बचत से आसानी से वसूल हो सकता है।

इंडक्शन के फायदे और चुनौतियां

फायदे: तेज पकाना, सुरक्षित (कोई लौ नहीं), कम बिजली बर्बादी और इससे पर्यावरण अनुकूल रहता है।
चुनौतियां: शुरुआती लागत लगानी पड़ती है, बिजली पर निर्भरता रहती है और खास बर्तनों की जरूरत पड़ती है।

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LPG सब्सिडी (जैसे उज्ज्वला योजना में 300 रुपये प्रति सिलेंडर) मिलने पर गैस सस्ती रहती है, लेकिन बढ़ती कीमतों और किल्लत के दौर में इंडक्शन एक मजबूत ऑप्शन बनकर उभर रहा है। कई शहरों में इंडक्शन की बिक्री तेजी से बढ़ी है। लेकिन आम लोगों को सलाह दी जाती है कि अपनी बिजली दर और खाना पकाने की आदत देखकर ही फैसला लें। जहां बिजली सस्ती हैं, वहां इंडक्शन से मोटी बचत हो सकती है।

यह भी पढ़ें: घर की रसोई से लेकर रेस्टोरेंट तक गैस की किल्लत, 5 पॉइंट में समझें

Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 13 March 2026 at 12:19 IST