आरुषि निशंक की अगुवाई में ‘केदार ड्राइव 2026’, हिमालय बचाने के लिए 10 हजार युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

हिमालय को बचाने, पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने और युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने के लिए यूथ4 राइजिंग भारत-केदार ड्राइव 2026 की शुरुआत हुई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली से इस अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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Kedar Drive 2026 led by Arushi Nishank aims to mobilize 10000 youths to save the Himalayas
आरुषि निशंक की अगुवाई में ‘केदार ड्राइव 2026’, हिमालय बचाने के लिए 10 हजार युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य | Image: X

हिमालय को बचाने, पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने और युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने के लिए यूथ4 राइजिंग भारत-केदार ड्राइव 2026 की शुरुआत हुई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली से इस अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभिनेत्री, निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता आरुषि निशंक के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान का लक्ष्य 10 हजार से ज्यादा युवाओं और स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है।

अभियान के जरिए दिल्ली से केदारनाथ तक पर्यावरण बचाने का संदेश पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य हिमालय, नदियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और पर्यावरण की रक्षा में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है।

शिवराज सिंह चौहान ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभियान को हरी झंडी दिखाकर युवाओं की भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस पहल का मकसद पर्यावरण की रक्षा को सिर्फ सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखकर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना है।

अभियान में युवाओं को पेड़ लगाने, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने, कचरे का सही तरीके से निपटारा करने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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आरुषि निशंक की अगुवाई में पर्यावरण संरक्षण की पहल

आरुषि निशंक पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी पहलों में सक्रिय हैं। वह स्पर्श गंगा अभियान की सह-संस्थापक और प्लास्टिक से पुण्य पहल की संस्थापक हैं। इन पहलों के जरिए नदियों को साफ रखने, प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने और लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने पर जोर दिया जाता है।

केदार ड्राइव 2026 के जरिए आरुषि निशंक युवाओं को हिमालय के संरक्षण के लिए एक मंच पर लाने की कोशिश कर रही हैं। इस पहल में पर्यावरण के साथ देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को भी जोड़ा गया है।

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आईआईटी, जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय के युवा भी होंगे शामिल

इस अभियान में आईआईटी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और गुजरात के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े विद्यार्थियों के शामिल होने की बात कही गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना, स्पर्श गंगा अभियान के स्वयंसेवक, पर्यावरण कार्यकर्ता, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम नागरिक भी इससे जुड़ेंगे।

अभियान के तहत 10 हजार से ज्यादा युवाओं और स्वयंसेवकों को जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके।

केदारनाथ से क्यों जुड़ा है यह अभियान?

केदारनाथ धाम हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। बढ़ती आवाजाही के बीच हिमालयी क्षेत्र में कचरे का प्रबंधन, प्लास्टिक पर रोक, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और जिम्मेदार पर्यटन जैसे मुद्दे बेहद अहम हैं।

इस अभियान के जरिए लोगों को समझाने की कोशिश की जाएगी कि हिमालय को बचाना सिर्फ सरकार या पर्यावरण कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें हर श्रद्धालु, पर्यटक और स्थानीय नागरिक की भूमिका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और एक पेड़ मां के नाम जैसी पहलों से प्रेरणा लेते हुए इस अभियान में पर्यावरण जागरूकता, पौधरोपण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

फिल्मों से सामाजिक अभियानों तक आरुषि निशंक की पहल

आरुषि निशंक सिनेमा और सामाजिक कार्यों, दोनों क्षेत्रों में सक्रिय हैं। वह वेब सीरीज ‘लाइफ हिल गई’ के निर्माण से जुड़ी रही हैं। इसके अलावा वह संगीत परियोजनाओं और टिकाऊ फैशन को बढ़ावा देने वाली पहलों में भी हिस्सा ले चुकी हैं।

अब यूथ4 राइजिंग भारत-केदार ड्राइव 2026 के जरिए उनकी कोशिश युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के काम से जोड़ने की है।

इस अभियान का मुख्य संदेश साफ है हिमालय को बचाना, नदियों को साफ रखना और प्रकृति की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। शिवराज सिंह चौहान की हरी झंडी और आरुषि निशंक की अगुवाई में शुरू हुई यह पहल युवाओं को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास है।

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Published By:
 Sahitya Maurya
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