पाकिस्तान में बेमौत मरा लश्कर आतंकी सैफुल्लाह 2008 के रामपुर अटैक से कनेक्शन; फिर अखिलेश यादव पर क्यों उठ रही है उंगली?

सैफुल्लाह खालिद, जिसने मोहम्मद सलीम सहित कई उपनामों का इस्तेमाल किया था, 2006 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था। पुलिस के साथ मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए थे।

Follow : Google News Icon  
BJP MP Brijlal Targeted Akhilesh Yadav
आतंकी सैफुल्लाह की मौत के बाद बृजलाल ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा. | Image: ANI/Republic

लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी रजाउल्लाह निजामनी उर्फ ​​अबू सैफुल्लाह का मर्डर पाकिस्तान में हुआ, लेकिन हिंदुस्तान के भीतर अखिलेश यादव के ऊपर हमले हो रहे हैं। रजाउल्लाह निजामनी उर्फ ​​अबू सैफुल्लाह वो व्यक्ति था, जिसका नाम भारत में कई जगह हुए हमलों में आया। एक हमला सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर रामपुर में हुआ था। 7 जवान शहीद हो गए थे और एक नागरिक की भी मौत हुई थी। अबू सैफुल्लाह की मौत के बाद अखिलेश यादव के ऊपर सवाल इसलिए है कि उनकी सरकार पर संदिग्ध आरोपियों के ऊपर दर्द हुए केस को वापस लेने की कोशिश के आरोप लगे थे। ये मुद्दा फिर से गरमाया है।

पाकिस्तान में बीच रास्ते लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी रजाउल्लाह निजामनी उर्फ ​​अबू सैफुल्लाह को भून दिया गया। न कोई चेहरा देख पाया, न कोई आवाज सुन पाया, एक हमला हुआ और सामने चीखें सुनाई पड़ीं। ये हाल पाकिस्तान का है, जहां खुद आतंकवादियों की मौत कभी भी आती है।  'अज्ञात हमलावर' आए और रजाउल्लाह निजामनी उर्फ ​​अबू सैफुल्लाह की हत्या के बाद फरार हो गए।

कौन था लश्कर का लीडर अबू सैफुल्लाह?

सैफुल्लाह खालिद, जिसने मोहम्मद सलीम सहित कई उपनामों का इस्तेमाल किया था, 2006 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था। पुलिस के साथ मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए थे। आरएसएस के ऑफिस पर हमले से पहले खालिद पर 2005 में बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में गोलीबारी की साजिश रचने का आरोप था। इस आतंकी हमले में आईआईटी के प्रोफेसर मुनीश चंद्र पुरी की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। खालिद उर्फ ​​रजाउल्लाह निजामनी खालिद 2008 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शिविर पर हुए हमले के पीछे भी शामिल था।

अब अखिलेश यादव पर हमला क्यों?

बीजेपी के राज्यसभा सांसद और पूर्व डीजीपी बृजलाल कहते हैं कि 'लश्कर का सैफुल्ला जहन्नुम में पहुंच गया, जिसने आरएसएस मुख्यालय नागपुर में हमले की साजिश रची। 2008 में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर रामपुर में हमला करवाया। उसके गुर्गों के मुकदमे को अखिलेश यादव ने वापस ले लिया था। देश से माफी मांगो अखिलेश यादव।'

Advertisement

बीजेपी सांसद के आरोपों को आप ऐसे समझ सकते हैं कि 2008 के आतंकी हमले के बाद जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो कथित तौर कुछ आरोपियों के मुकदमे वापस लेने की कोशिश की गई थी। सपा की सरकार ने मुकदमा वापसी के लिए कोशिश की, लेकिन रामपुर जिला प्रशासन की आपत्ति के बाद मुकदमे वापस नहीं हुए। इसको भी समझना होगा कि उस समय समाजवादी पार्टी और सरकार में आजम खान का दबदबा था, जो खुद रामपुर से आते हैं।

यह भी पढे़ं: ज्योति कैप्टन और पूरी टीम के पास जासूसी के अलग-अलग रोल,कौन क्या करता था?

Advertisement
Published By :
Dalchand Kumar
पब्लिश्ड