Jammu and Kashmir: 2023 में पथराव की एक भी घटना नहीं, आतंकी घटनाओं में 66 प्रतिशत की कमी- अमित शाह
Stone Pelting in Kashmir: अमित शाह ने कहा कि 2010 में करीब 112 नागरिकों की पथराव की घटनाओं में मौत हुई, लेकिन 2023 में एक भी नागरिक ने जान नहीं गंवाई।
- भारत
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Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में साल 2023 में पथराव की एक भी घटना नहीं हुई। वहीं, अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में आतंकी घटनाओं में भी काफी कमी आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (25 जनवरी) को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 370 को रद्द किये जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में 66 प्रतिशत और नागरिकों की हत्याओं में 81 प्रतिशत की कमी आई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जम्मू में ई-बस सेवा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद के वित्त पोषण पर कार्रवाई कर रही, आतंकवादियों की संपत्ति सील एवं कुर्क कर रही और कई आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित किया है।
अमित शाह ने कहा कि 2000 में, जम्मू कश्मीर में पथराव की 2,654 घटनाएं हुई थीं लेकिन 2023 में यह संख्या घटकर शून्य हो गई। 2010 में करीब 132 बंद के आयोजन किए गए लेकिन 2023 में ऐसी एक भी घटना नहीं हुई।’’
'कश्मीर में शांति का नया युग शुरू हुआ...'
गृह मंत्री ने कहा कि 2010 में करीब 112 नागरिकों की पथराव की घटनाओं में मौत हुई लेकिन 2023 में एक भी नागरिक ने जान नहीं गंवाई। 2010 में, करीब 6,235 नागरिक पथराव की घटना में घायल हुए लेकिन पिछले साल इस तरह की किसी घटना में एक भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इससे यह प्रदर्शित होता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से जम्मू कश्मीर में खुशहाली, शांति और सामान्य स्थिति का एक नया युग शुरू हुआ है।
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'पीएम ने जम्मू-कश्मीर को एक पर्यटन केंद्र में बदल दिया है...'
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं आपसे कहना चाहता हूं कि अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद आतंकवाद से जुड़ी संपूर्ण घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है, नागरिकों की मौत में 81 प्रतिशत और सुरक्षा बलों की मौत में 48 प्रतिशत की कमी आई है।’’ पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर को एक पर्यटन केंद्र में बदल दिया है जो कभी आतंकवाद के लिए जाना जाता था।
अमित शाह ने जम्मू कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) और पुलिस अधिकारियों तथा अनुकंपा के आधार पर निुयक्त किए गए लोगों को डिजिटल माध्यम से नियुक्ति पत्र भी बांटे। उन्होंने कहा, ‘‘संपत्ति सील और कुर्क की जा रही। उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कई आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित किया गया है।’’
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उन्होंने कहा, ‘‘बम विस्फोट, गोलीबारी, पथराव और बंद के युग की जगह शिक्षा, स्कूल, कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, प्रबंधन संस्थान, उद्योग और बुनियादी ढांचे ने ले ली है। यह एक बड़ा बदलाव है जो जम्मू कश्मीर में हो रहा है।’’ शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में 2019-20 में 297 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था और यह 2022-23 में बढ़ कर 2,153 करोड़ रुपये हो गया।
कश्मीर के युवाओं से अमित शाह की अपील
अमिक ळाब ने जम्मू कश्मीर के युवाओं से मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने और देश के लोकतांत्रिक ढांचे का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘पत्थर की जगह जम्मू कश्मीर के युवाओं के हाथों में अब कंप्यूटर हैं और वे जम्मू कश्मीर की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। सात लाख से अधिक युवाओं ने खेलों में भाग लिया है और यह एक बड़ी चीज है।’’
(इनपुट- पीटीआई)