'तुम चाहो तो मेरा... लेकिन मेरी बेटी को बख्श दो',मुर्शिदाबाद दंगे की दर्दनाक दास्तां पर फूटा देवकीनंदन ठाकुर का गुस्सा

मशहूर कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने मुर्शिदाबाद में हुए दंगों की कहानी के पीछे की वजह वजह बताई और ममता सरकार पर जमकर हमला बोला।

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'तुम चाहो तो मेरा... लेकिन मेरी बेटी को बख्श दो',मुर्शिदाबाद दंगे की दर्दनाक दास्तां पर फूटा देवकीनंदन ठाकुर का गुस्सा | Image: PTI

वक्फ कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तो मौत का तांडव हो रहा है। वहां के स्थानीय मुसलमान हिन्दुओं पर हमलावर हो गए हैं। ये लोग प्रदर्शन के नाम पर हिन्दुओं को चुन-चुन कर मार रहे हैं उनकी महिलाओं और बेटियों के साथ रेप कर रहे हैं। ऐसे में ममता सरकार की पुलिस इन दंगाइयों पर काबू नहीं कर पा रही है। जब पानी सिर से ऊपर निकल गया तो केंद्र सरकार ने केंद्रीय फोर्स को वहां पर तैनात किया। इन दंगाइयों ने हिन्दुओं पर ऐसा जुल्म ढाया कि वो पलायन करने को मजबूर हो गए। न्यूज एजेंसी एएनआई ने मशहूर कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर से जब इस पर सवाल पूछा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। देवकी नंदन ठाकुर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुए दंगों की कहानी के पीछे की वजह वजह बताई और ममता सरकार पर जमकर हमला बोला।


देवकी नंदन ठाकुर ने बताया कि कैसे पश्चिम बंगाल में इन शांतिदूतों ने हिन्दू परिवारों को निशाना बनाया उनकी गाड़ियों पर हमला किया और उनके घरों को आग लगाई। उन्होंने बताया कि चुन-चुन कर हिन्दुओं को मुर्शिदाबाद दंगों में मारा गया है। देवकी नंदन ठाकुर ने इस दौरान एक ह्रदय विदारक बात बताई जिसको सुनकर पैरों तले से जमीन खिसक जाए। उन्होंने बताया, 'जब दंगाई हिन्दुओं के घरों में घुस कर उनकी बहू बेटियों के साथ बलात्कार कर रहे थे तो एक घर में एक मां बोल उठी कि तुम चाहो तो मेरे साथ... कर सकते हो, लेकिन मेरी बेटी को बख्श दो वो अभी बहुत छोटी है। इससे बुरा दृश्य क्या भारतवासियों को देखना अब बाकी रह गया है?' उन्होंने बताया कि ऐसी दर्दनाक कहानियां मुर्शिदाबाद दंगों से सामने आई हैं।


ममता बनर्जी पर साधा निशाना

कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने बंगाल में हो रही हिंसा पर ममता सराकर को भी जमकर घेरा उन्होंने कहा, 'क्या हम ये समझें कि हिन्दुओं का कोई रक्षक नहीं है? या ये समझें कि हिन्दुओं का इस देश में कोई रक्षक नहीं है या ये समझें कि हिन्दू इस देश का नागरिक नहीं है? या हमको ये समझना चाहिए कि हिन्दू के ऊपर कुछ भी होता रहेगा... तथाकथित पार्टी और पार्टी के लोग बोलेंगे नहीं। इस देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना सब लोग देखते हैं लेकिन 100 करोड़ लोगों के दर्द को समझने की जिम्मेदारी किसी पर नहीं है? क्यों नहीं ममता बनर्जी को इस्तीफा दे देना चाहिए?  वो भी तो हिन्दू हैं और हिन्दू होकर चीफ मिनिस्टर होकर उसी के प्रदेश में वहां पर इतना बड़ा अत्याचार हिन्दुओं पर हुआ और एक बात और दलित बच्चों और दलित लोगों की हत्या हुई है वहां पर।


हम 1947 में पाकिस्तान से भागे, 90 में कश्मीर से भागे...

मुर्शिदाबाद दंगे पर सवाल पूछे जाने पर कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कहा, 'हम लोग 1947 में पाकिस्तान से भागे, 1990 में हम लोग कश्मीर से भागे और अब हमें बंगाल से भी भागना पड़ रहा है? हम कुछ ही महीने पहले बांग्लादेश से भागे और फिर हम लोगों को बांग्लादेश से भागना पड़ रहा है। हमें इस बात का अफसोस है कि हम जब भागते हैं और हमें जब दुख होता है तो कोई भी एजेंसी हमारे बारे में सोचती ही नहीं। बड़े-बड़े नेता जो संसद में फिलिस्तीन की जय बोलते हैं, बड़े-बड़े लोग जो फिलिस्तीन का बैग उठाते हैं, जब हिन्दुओं पर अत्याचार होता है चाहे वो बंगाल में हो चाहे बांग्लादेश में हो या फिर कश्मीर में हो तब उनकी बोलती क्यों बंद हो जाती है। क्या हो गया है?

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पूरे देश में तुम बहुसंख्यक नहीं हो और जहां तुम अल्पसंख्यक हो वहां अगर...

देवकी नंदन ठाकुर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद दंगों को लेकर कहा कि जो लोग वहां पर ऐसा कर रहे हैं वहां पर न जो खुद को वहां का बहुसंख्यक कह रहे हैं। याद रखना भारत में बहुत जगह ऐसी है जहां पर तुम बहुसंख्यक नहीं हो और जहां पर तुम बहुसंख्यक नहीं हो अगर वही विषय, जो तुम वहां पर कर रहे हो वही यहां पर शुरू हो गया तो फिर तुम्हारा क्या होगा? ये सही नहीं है तुम बहुसंख्यक नहीं हो ये समझ लीजिए कि फिर क्या होगा? मैं फिर सभी सनातनियों से कहता हूं कि ये एक सोची समझी रणनीति है। इस रणनीति में हम सब को एक साथ आकर सबको मिलकर साथ में खड़े होकर इसका विरोध करना चाहिए। बहन बेटी मां हम सब की एक जैसी हैं आप कहीं भी हो बस एकजुट हो जाओ और इनको इन्हीं की भाषा में जवाब दो।

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Published By:
 Ravindra Singh
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