'सैनिक सैलरी से पहले देते हैं टैक्स', लद्दाख में हंगामा करने वाली Gen-Z पर भड़के सैन्य अफसर, पूर्व सेना प्रमुख ने भी की आलोचना
लद्दाख के मिनिमार्ग चेकपोस्ट पर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक महिला ने खुद को Gen-Z बताते हुए सड़क बंद किए जाने पर भारतीय सैनिकों पर नाराजगी जताई। वीडियो सामने आने पर अब पूर्व सेना अधिकारियों ने महिला की कड़ी आलोचना की है।
- भारत
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लद्दाख के मिनिमार्ग चेकपोस्ट पर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक महिला ने खुद को Gen-Z बताते हुए सड़क बंद किए जाने पर भारतीय सैनिकों पर नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक महिला मीनामार्ग में बैरिकेड पर रोके जाने के बाद सुरक्षाकर्मियों से बहस करती हुई दिख रही है। वह दावा कर रही है कि 'जेन ज़ी' (Gen Z) पीढ़ी कथित दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेगी।
वीडियो में महिला यह सवाल करती हुई सुनाई देती है कि पर्यटकों को क्यों रोका जा रहा है और वह इन पाबंदियों की तुलना कश्मीर के लोगों द्वारा झेली जाने वाली पाबंदियों से करती है। वह यह भी कहती है, "हम जेन ज़ी हैं, हम यह बकवास बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अब इस मामले में कई आम लोगों के अलावा, सैन्य अफसर और वर्तमान समय में मिजोरम के गवर्नर और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह ने भी महिला की कड़ी आलोचना की है। वी.के. सिंह ने कहा 'हमारे सैनिकों पर अनुचित रूप से आरोप लगाना या उनका अपमान करना गलत है।'
सैनिकों पर बेवजह आरोप लगाना अपमान करना-वी.के. सिंह
मिज़ोरम के गवर्नर और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह महिला की कड़ी आलोचना करते हुए एक्स पर लिखा '"भारत के सशस्त्र बल हमारे राष्ट्र और इसे नुकसान पहुंचाने वालों के बीच खड़े हैं। मीनामर्ग की घटना हमारे सैनिकों के साहस, बलिदान और सतर्कता की एक स्पष्ट याद दिलाती है।"
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आगे उन्होंने कहा "हालात चाहे जो भी हों, हमारे सैनिकों को गलत तरीके से दोष देना या उनका अनादर करना गलत है। आलोचना तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, न कि भावनाओं या बिना सोचे-समझे लगाए गए आरोपों पर। हम उन लोगों के साथ खड़े हैं जो भारत की सेवा करते हैं और देश के लिए बलिदान देते हैं।"
'सैनिक सैलरी से पहले देते हैं टैक्स'- लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों (रिटायर्ड)
चिनार कॉर्प्स के पूर्व कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों (रिटायर्ड) ने भी X पर एक पोस्ट के जरिए इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और उस इलाके में तैनात सैनिकों का बचाव किया।
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"मेरी प्यारी महिला, सैनिक अपनी सैलरी मिलने से पहले ही टैक्स चुका देते हैं। आप ऐसे इलाकों में छुट्टियां मनाने इसलिए जा पाती हैं क्योंकि हमारे सैनिक दिन-रात वहां पहरा देते हैं, और इसके लिए वे अपनी जान तक दांव पर लगा देते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "आपकी भाषा आपकी अच्छी परवरिश और स्कूलिंग की झलक दिखाती है। हमेशा सम्मान से पेश आएं। हक मांगने से पहले कानून का पालन करने वाला अच्छा नागरिक बनना सीखें।" ढिल्लों ने आगे कहा, "और आखिर में... 'जल्द ठीक हो जाएं', जय हिंद।"
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी की आलोचना
वहीं, बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने महिला की आलोचना करते हुए स एक्स पर लिखा ‘"हम Gen Z हैं" कहना अब "जानते नहीं हो मेरे पिता कौन हैं" कहने जैसा नया रवैया बन गया है। Gen Z के प्रति बनी अच्छी छवि को खराब करने का सबसे तेज तरीका है कि जरा सी भी ठेस पहुँचने पर इसे धमकी की तरह इस्तेमाल किया जाए।’