Kulgam Encounter : आतंकियों के साथ मुठभेड़ का 9वां दिन, गोलीबारी में सेना के 2 जवान शहीद, लश्कर आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी

Operation Akhal : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में चल रहा एनकाउंटर नौवें दिन भी जारी है, जो इस साल का सबसे लंबा चलने वाला आतंकवाद-रोधी अभियान बन गया है।

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Operation continues in Akhal Devsar area of Kulgam district
आतंकियों के साथ मुठभेड़ का 9वां दिन | Image: ANI

OP AKHAL, Kulgam : जम्मू-कश्मीर में कुलगाम जिले के अखल-देवसर इलाके में सेना का 'ऑपरेशन अखल' 9वें दिन भी जारी है। यह मुठभेड़ पिछले कई दशकों में सबसे लंबे समय तक चलने वाला आतंकवाद-रोधी अभियान बन चुकी है। इस ऑपरेशन में अब तक दो जवान शहीद हो चुके हैं और सात जवान घायल हुए हैं।

'ऑपरेशन अखल' के दहत सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। इस अभियान में लांस नायक प्रीतपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह शहीद हो गए। इसके अलावा, 7 अन्य जवान घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत पिछले दिन की गोलीबारी में गंभीर बताई जा रही है। घायल जवानों का सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

'ऑपरेशन अखल' की चुनौतियां

भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने 1 अगस्त, 2025 को खुफिया जानकारी के आधार पर ऑपरेशन अखल शुरू किया था। घने जंगलों, गुफाओं और पहाड़ी इलाकों ने सुरक्षाबलों के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। सेना के लिए लो विजिबिली और जटिल भूभाग के कारण आतंकियों की सटीक लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद सेना ड्रोन, हेलिकॉप्टर और हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम का प्रयोग कर आतंकियों की तलाश में जुटी है।

अब तक इस ऑपरेशन में दो आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें से एक का शव बरामद किया गया है। खबरों के मुताबिक अभी भी कुछ आतंकी जंगल में छिपे हो सकते हैं। सुरक्षाबल रुद्र हेलिकॉप्टर और एडवांस ड्रोन की मदद से इलाके की घेराबंदी और तलाशी अभियान को तेज कर रहे हैं।

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सबसे लंबा आतंकवाद-रोधी अभियान

'ऑपरेशन अखल' को जम्मू-कश्मीर में हाल के दशकों का सबसे लंबे समय तक चलने वाला आतंकवाद-रोधी अभियान माना जा रहा है। सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से मुठभेड़ वाले क्षेत्र से दूर रहने और सहयोग करने की अपील की है। यह अभियान इलाके में शांति बहाल करने और आतंकवादी गतिविधियों को खत्म करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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Published By:
 Sagar Singh
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