RG Kar Case: 'दोषी संजय रॉय को फांसी हो', कोलकाता रेप-मर्डर केस में हाईकोर्ट ने मंजूर की CBI की याचिका

सीबीआई और राज्य सरकार दोनों ने रॉय को मौत की सजा सुनाने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
Kolkata RG Kar rape murder case Sanjay Roy
Kolkata RG Kar rape murder case Sanjay Roy | Image: Pixabay

Kolkata Doctor Rape-Murder Case: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की वह अपील स्वीकार कर ली, जिसमें आरजी कर अस्पताल बलात्कार-हत्या मामले के दोषी संजय रॉय को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती दी गई है।

हालांकि, खंडपीठ ने मामले में एकमात्र दोषी रॉय को सुनाई गई सजा को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल सरकार की अपील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

दोषी संजय रॉय को फांसी की सजा देने की मांग

सीबीआई और राज्य सरकार दोनों ने रॉय को मौत की सजा सुनाने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। न्यायमूर्ति देबांगसु बसाक और न्यायमूर्ति मोहम्मद सब्बार रशीदी की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि सीबीआई ने जांच की थी, इसलिए सजा को चुनौती देने वाली उसकी अपील सुनवाई के लिए स्वीकार की जाती है।

पिछले साल नौ अगस्त को यहां आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार कक्ष के अंदर एक चिकित्सक की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। अगले दिन कोलकाता पुलिस ने रॉय को गिरफ्तार कर लिया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

Advertisement

उम्रकैद की हुई है सजा

केंद्रीय एजेंसी ने सात अक्टूबर को निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया और चार नवंबर को रॉय के खिलाफ आरोप तय किए गए। निचली अदालत ने 20 जनवरी को रॉय को मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

सीबीआई और राज्य सरकार दोनों ने रॉय को दी गई सजा को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में अलग-अलग अपील दायर कर मौत की सजा सुनाने का अनुरोध किया। पीठ ने 27 जनवरी को दोनों अपीलों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

Advertisement

यह भी पढ़ें: सिख विरोधी दंगा: सज्जन कुमार के खिलाफ 1984 दंगा मामले में फैसला टला, अब इस तारीख को कोर्ट सुनाएगी फैसला

(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड