कोलकाता HC ने हावड़ा में रामनवमी रैली निकालने की दी इजाजत, गिरिराज सिंह बोले- ममता बनर्जी की तालिबानी साजिश ध्वस्त हुई

कोलकाता हाई कोर्ट ने दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक रैली की अनुमति दी। जुलूस में 500 लोग शामिल हो सकते हैं। शोभा यात्रा को पुलिस सुरक्षा भी देगी।

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Mamta Banejee & Giriraj Singh
Mamta Banejee & Giriraj Singh | Image: PTI

Kolkata News: कोलकाता हाई कोर्ट का हिंदू संगठन की याचिका पर फैसला आ गया है। अदालत ने हावड़ा में रामनवमी रैली की इजाजत दे दी है। साथ ही इस दौरान कुछ शर्ते भी रखी गईं। कोर्ट ने इस फैसले पर BJP नेताओं के रिएक्शन आना शुरू हो गए हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी की रची गई तालिबानी साजिश ध्वस्त हो गई है।

हावड़ा पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए रामनवमी पर शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी थी। इसके बाद कई हिंदू संगठनों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

शर्तों के साथ दी कोलकाता HC ने दी इजाजत

आज (4 अप्रैल) को मामले पर सुनवाई करते हुए कोलकाता हाई कोर्ट ने हावड़ा में रामनवमी रैली निकालने की इजाजत दे दी है। इसके लिए कुछ शर्तें तय कर दी गई हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि हावड़ा में पुराने रूट पर रामनवमी रैली निकाली जा सकती है, लेकिन इस दौरान हथियारों की अनुमति नहीं रहेगी। साथ ही बाइक रैली भी नहीं निकाली जाएगी। कोर्ट ने कहा कि जुलूस निकालने वालों को पुलिस की गाइडलाइन फॉलो करनी होगी।

कोलकाता हाई कोर्ट ने दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक रैली की अनुमति दी। जुलूस में 500 लोग शामिल हो सकते हैं। शोभा यात्रा को पुलिस सुरक्षा भी देगी।

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गिरिराज सिंह का ममता पर निशाना

कोर्ट का इस फैसले आने के बाद BJP नेता ने ममता सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "बंगाल में अब धूमधाम से मनाई जाएगी शोभा यात्रा और रामनवमी। बंगाल की धरती पर गूंजेगा ‘जय श्री राम’। माननीय उच्च न्यायालय ने हमारे धार्मिक अधिकारों और आस्थाओं की रक्षा की है और इससे ममता बनर्जी द्वारा रची गई तालिबानी साजिश ध्वस्त हो गई है। यह आस्था की जीत है, हिंदू संस्कृति की जीत है।"

अपने धार्मिक त्योहार मनाना हमारा संवैधानिक अधिकार- शुभेंदु

वहीं, पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “अपने धार्मिक त्योहार मनाना हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन ममता बनर्जी की पुलिस हमें रोक रही है। हमें हर मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हम हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं।”

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लगातार दूसरी बार हो रहा था विवाद

आपको बता दें हावड़ा में पिछले 15 सालों से रामनवमी पर जुलूस निकालने की परंपरा रही, लेकिन दूसरे साल भी विवाद खड़ा हो गया। पश्चिम बंगाल की पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए जीटी रोड के मार्ग से रामनवमी की शोभायात्रा निकालने से मना कर दिया। इसके बाद अंजनी पुत्र सेना नामक संगठन ने कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पारंपरिक मार्ग से जुलूस निकालने की अनुमति मांगी।

जान लें कि हावड़ा में पारंपरिक मार्ग से रामनवमी पर जुलूस निकालने की परंपरा पिछले 15 सालों से रही है, लेकिन इसको लेकर लगातार दूसरे साल विवाद खड़ा हो गया। अंजनी पुत्र सेना, विश्व हिंदू परिषद और दुर्गा वाहिनी जिस रूट से शोभायात्रा निकाली रही है। हावड़ा सिटी पुलिस ने रूट बदलने के निर्देश दिए थे, जो उन्हें मंजूर नहीं था। इसके बाद संगठन ने हाई कोर्ट का रूख किया था।

वहीं, इससे पहले साल 2022 में हावड़ा के शिवपुर इलाके में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान तनाव की खबरें आई थीं। तब विश्व हिंदू परिषद की रैली पर पत्थरबाजी और हमले हुए थे। इस दौरान पुलिस पर लाठीचार्ज का भी आरोप लगा था। घटना में कई लोग घायल हो गए थे।

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Published By :
Ruchi Mehra
पब्लिश्ड