'अमित शाह संसद में सुबह आते हैं और रात को जाते हैं, उनका नाम सुन आतंकवादी कांप जाते हैं, जिस दिन वो जवाब देंगे आप...', विपक्ष पर बरसे किरेन रिजिजू
Kiren Rijiju: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के हंगामे के बीच उन्हें करारा जवाब देते हुए कहा कि जब गृहमंत्री अमित शाह बोलेंगे तो वे सुन नहीं पाएंगे।
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Kiren Rijiju: संसद में चालू मॉनसून सत्र में आज, शुक्रवार का दिन भी हंगामेदार रहा। विपक्ष ने गृहमंत्री अमित शाह के संसद में आने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने करारा जवाब देते हुए कहा कि जब वे बोलेंगे तो विपक्ष सुन नहीं पाएगा।
दरअसल, विपक्ष लगातार 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई के लिए अमित शाह से जवाब मांग रहा है। इसे लेकर आज भी हंगामा जारी रहा, जिस पर किरेन रिजिजू ने कहा, 'आज सुबह से ये (विपक्ष) लोग गृहमंत्री अमित शाह का नाम लेकर नारा लगा रहे हैं। मैं एक बात बहुत स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह लोग हंगामा करके गायब हो जाते हैं। अमित शाह सुबह-सुबह संसद में आते हैं और देर रात को ही वापस जाते हैं। वे दिनभर संसद में ही रहते हैं। इनका यह नारा लगाने का तरीका गलत है।'
शाह के नाम से कांपते हैं आतंकी- रिजिजू
उन्होंने आगे कहा, 'अमित शाह वे व्यक्ति हैं जिनके नाम से सभी आतंकवादी और उग्रवादी कांप उठते हैं। जिस दिन यह चर्चा शुरू होगी और गृहमंत्री अमित शाह का जवाब होगा तब आप लोग सुन नहीं पाएंगे। आप लोग क्या गृहमंत्री का नाम लेते हैं?' उनका कहना रहा कि संसद का नियम कहता है कि जो विधेयक होता है, उसी से संबंधित मंत्री को सदन में आना होता है। विपक्ष यहां डिमांड नहीं कर सकता कि कौन सा मंत्री आएगा और किसको जवाब देगा। यह सिर्फ सरकार तय करती है। इसलिए विपक्ष को सदन को बाधित करने और देश को गुमराह करने का नाटक बंद करना चाहिए।
'विपक्ष के हंगामे के कारण कम हो रही चर्चा'
किरेन रिजिजू ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, 'सदन चर्चा कम इसलिए हो रही है क्योंकि विपक्ष और कांग्रेस पार्टी ने हंगामा करके नारेबाजी की। इसमें कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए की सदन की कार्यवाही नहीं चल रही है। सदन की कार्यवाही चल रही है, बिल पारित हुए हैं केवल चर्चा कम हुई है क्योंकि हंगामा हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री सुबह से लेकर देर रात तक सदन में ही रहते हैं। इनका (विपक्ष) नाटक नहीं होना चाहिए। कौन सा मंत्री कितने समय तक सदन में बोलेगा ये सदन तय करता है अध्यक्ष के अनुमोदन से। ये विपक्ष द्वारा तय नहीं किया जा सकता है कि कौन सा मंत्री कब तक बोलेगा। जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बोलेंगे तो इन्हें(विपक्ष) चुपचाप बैठकर सुनना पड़ेगा। जब ये लोग सुन नहीं पाएंगे और सदन से भागेंगे तो इन्हें माफी मांगनी पड़ेगी कि इतने दिनों तक जो हंगामा हुआ, उस पर माफी मांगनी पड़ेगी।'
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'सरकार के पास बहुत महत्वपूर्ण बिल'
उन्होंने आगे कहा, 'सरकार के पास बहुत महत्वपूर्ण बिल हैं, जिन्हें हम लेकर आ रहे हैं। मैं फिर से अपील करता हूं। कांग्रेस पार्टी के नए सांसद जो चुनकर आए हैं, उन्हें बोलने का मौका ही नहीं मिलता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हंगामा करते हैं और नए नेताओं को बोलने का मौका नहीं मिलता है, इसमें किसकी गलती है?।'
'महत्वपूर्ण मुद्दों का विरोध कर रही कांग्रेस'
रिजिजू ने आरोप लगाया कि परिसीमन और महिला आरक्षण बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिसका कांग्रेस के लोग विरोध करते हैं। ये तो एक तरह से देश की महिलाओं के साथ धोखा है। कांग्रेस को महिला विरोधी होने का अपना ये रुख झेलना पड़ेगा।