'तुमसे नहीं होगा, मैं मारूंगा...' जब सिया का 'प्‍लान A' हुआ फेल तो चेतन ने 18 जून को रची हत्या की साजिश; केतन के मर्डर का मंगेतर को नहीं अफसोस

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 14 जून को केतन को मारने की कोशिश नाकाम होने बाद चेतन ने सिया से कहा था, अब नया प्लान मैं बनाऊंगा। इस बार केतन को मैं मारूंगा, तुमसे नहीं हो पाएगा।

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Ketan Agrawal Murder Case
जब सिया का 'प्‍लान A' हुआ फेल तो चेतन ने 18 जून को रची हत्या की साजिश | Image: X

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपी की साजिशों का खुलासा हो रहा है। केतन के पिता ने पहले भी बताया था कि सिया ने चेतन को पहले भी मारने को कोशिश की थी, मगर वो नाकाम हो गई थी। अब ये बातें पुलिस पूछताछ भी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहली कोशिश नाकाम होने के बाद सिया के ब्वायफ्रेंड चेतन ने कहा था कि 'तुमसे नहीं हो पाएगा, अब मैं मारूंगा'l

पुलिस सूत्रों के मुताबिक,14 जून को केतन को मारने की कोशिश नाकाम होने बाद चेतन ने सिया से कहा था,अब नया प्लान 18 तारीख का है। इस बार केतन को मैं मारूंगा, तुमसे नहीं हो पाएगा। इसके बाद चेतन ने 18 जून को खुद भी लोहागढ़ किले जाने का फैसला किया। 18 जून को चेतन पहली बार लोहागढ़ किला पहुंचा था और उसी दिन हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया।

सिया को हत्या पर कोई पछतावा नहीं

जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून को सिया और चेतन लगातार चैट के जरिए संपर्क में थे। पुलिस इन चैट्स को मामले का महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मान रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान जब दोनों आरोपियों से पूछा गया कि क्या उन्हें केतन की हत्या पर पछतावा है, तो दोनों ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है। सिया और चेतन का पूछताछ के दौरान बॉडी लैंग्वेज बहुत कॉन्फिडेंस नजर आता है, दोनों को जरा भी अफसोस नहीं है।

चेतन ने लोकेशन छिपाने के लिए बनाया ये प्लान

चेतन ने अपनी लोकेशन छिपाने के उद्देश्य से अपने दुकान के स्टाफ नीरज कुमार का मोबाइल फोन इस्तेमाल किया, ताकि जांच के दौरान उसकी गतिविधियों का सीधे पता न लगाया जा सके। पूछताछ में सिया ने पुलिस को बताया कि वह  केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस के अनुसार, उसने यह बात अपने परिवार और केतन दोनों को बताई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि यही दोनों के बीच विवाद का एक प्रमुख कारण बन गया था।

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केतन को अंतिम धक्का किसने दिया? 

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी अंतिम धक्का देने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं। चेतन का दावा है कि सिया ने केतन को धक्का दिया।
जबकि सिया का कहना है कि अंतिम धक्का चेतन ने दिया। पुलिस ने कहा है कि दोनों ने साजिश और हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की है, लेकिन अंतिम वार किसने किया, इस पर दोनों अलग-अलग बयान दे रहे हैं।

इस वजह से 18 जून की रची साजिश

पुलिस जांच के अनुसार, 19 जून को सिया का जन्मदिन था और केतन उसके साथ महाबलेश्वर जाने वाला था। चेतन नहीं चाहता था कि दोनों साथ में जन्मदिन मनाने जाएं। जिसके बाद लोहागढ़ किला जाने की योजना बनाई गई। पुलिस ने कहा कि यही एक वजह हो सकती है कि 18 जून को कथित तौर पर हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया गया।

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Published By:
 Rupam Kumari
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