238 घंटे बात, 2004 फोन कॉल... सिया के भाई को अफेयर के बारे में सब पता था! क्रिकेट ग्राउंड में हुई थी चेतन से मुलाकात; केतन मर्डर केस में खुलासा
महाराष्ट्र के लोनावला में स्थित लोहगढ़ किले से 18 जून को हुई रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब पूरी तरह से एक सोची-समझी हत्या के रूप में सामने आया है।
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महाराष्ट्र के लोनावला में स्थित लोहगढ़ किले से 18 जून को हुई रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब पूरी तरह से एक सोची-समझी हत्या के रूप में सामने आया है। पुणे पुलिस ने इस मामले में मृतक केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को पुलिस ने सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की।
सूत्रों के मुताबिक, उसे अपनी बहन सिया गोयल और चेतन चौधरी के अफेयर की पहले से जानकारी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने यह बात परिवार या किसी अन्य व्यक्ति से क्यों नहीं बताई। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि साहिल का बयान इस पूरे घटनाक्रम की कई अहम कड़ियों को जोड़ सकता है। फिलहाल उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है और उसके बयान को केस डायरी का हिस्सा बनाया जा रहा है। जांच टीम यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि परिवार के भीतर सिया की मानसिक स्थिति, उसके रिश्तों और शादी को लेकर क्या चर्चाएं होती थीं।
क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी चेतन-सिया की मुलाकात, साहिल भी था मौजूद
जानकारी के मुताबिक सिया का भाई साहिल और चेतन चौधरी साथ में क्रिकेट खेलते थे। क्रिकेट मैचों के दौरान ही सिया और चेतन चौधरी की पहली मुलाकात हुई थी। सिया अपने भाई साहिल के साथ क्रिकेट मैच देखने और खेलने जाया करती थी। इसी दौरान उसकी चेतन से पहचान हुई। बाद में एक दोस्त की दिवाली पार्टी में दोनों की फिर मुलाकात हुई और इसके बाद उनकी मुलाकातों का सिलसिला बढ़ता गया।
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क्रिकेट के मैदान पर शुरू हुई यह पहचान आगे चलकर प्रेम संबंध में बदल गई। पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में सिया और चेतन के बीच 2,004 फोन कॉल हुए। दोनों के बीच कुल मिलाकर करीब 238 घंटे तक बातचीत हुई।
हत्या के बाद कुछ दिन नहीं मिलने का था प्लान, डिलीट चैट से खुलेंगे और भी राज
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केतन अग्रवाल की हत्या के बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कुछ दिनों तक एक-दूसरे से न मिलने का प्लान बनाया था। जांच एजेंसियों को शक है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि दोनों पर किसी तरह का संदेह न हो। दोनों ने अपनी आपसी चैट्स भी डिलीट कर दी थीं। कथित तौर पर ऐसा इसलिए किया गया ताकि उनके रिश्ते और संपर्क से जुड़े डिजिटल सबूत किसी के हाथ न लग सकें।
जांच में पुलिस की पकड़ से बचने के लिए हर संभव कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। फोरेंसिक टीम डिलीट किए गए चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा रिकवर करने का प्रयास कर रही है। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।