सिया-चेतन ने दी थी मर्डर की सुपारी? केतन अग्रवाल हत्याकांड में 2,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल; इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड का भी जिक्र
पुलिस की चार्जशीट में दावा किया गया है कि केतन अग्रवाल की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का नतीजा था। आरोपियों में केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसका प्रेमी चेतन चौधरी और सह-आरोपी रितेश हांगे शामिल हैं।
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पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस मे करीब 2500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में वॉट्सऐप चैट, तस्वीरें, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), गवाहों के बयान और टेक्निकल एनालिसिस सर्टिफिकेट शामिल किए गए हैं। पुलिस ने लगभग 80 से 85 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें तीन ऐसे गवाह भी हैं, जिन्होंने कथित तौर पर सिया और चेतन को अपराध करते हुए देखा था।
पुलिस की चार्जशीट में दावा किया गया है कि केतन अग्रवाल की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का नतीजा था। आरोपियों में केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसका प्रेमी चेतन चौधरी और सह-आरोपी रितेश हांगे शामिल हैं। केतन अग्रवाल मर्डर केस में रितेश हांगे नाम का एक और शख्स तीसरा आरोपी है और वह चेतन का दोस्त है।
पुलिस की चार्जशीट में चेतन के दोस्त का भी नाम
रितेश हांगे का बेंगलुरु में एक दोस्त है, जिसके जरिए कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या कराने की कोशिश की गई थी। पुलिस का कहना है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। इसके लिए दोनों ने सुपारी भी दी थी।
सिया ने राजा रघुवंशी हत्याकांड किया था सर्च
जांच के दौरान डिजिटल और टेक्निकल सबूत जुटाए गए। चार्जशीट के मुताबिक, सिया ने हत्यकांड के अंजाम देने से पहले इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस को इंटरनेट पर सर्च किया था। उनकी सर्च हिस्ट्री में अन्य आपराधिक और हत्या से जुड़े मामलों की भी तलाश के सबूत मिले हैं। सिया और चेतन के बीच हजारों की संख्या में फोन कॉल्स और चैट्स का आदान-प्रदान हुआ था। वारदात को अंजाम देने से पहले चेतन और सिया ने कथित तौर पर अपनी व्हाट्सऐप चैट डिलीट कर दी थी। हालांकि, पुलिस ने बाद में इंस्टाग्राम और स्नैपचैट से दोनों की चैट बरामद की।
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14 जून की घटना का भी जिक्र
पुलिस ने चार्जशीट में उस घटना का भी जिक्र किया है, जिसमें सिया ने एक बार पहले भी केतन का मारने की कोशिश की थी। आरोप है कि सिया पहले भी केतन को लोहागढ़ ले गई थीं और 14 जून को उन्हें चट्टान से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन केतन एक झाड़ी को पकड़ने में कामयाब रहे थे और बच गए थे। सिया और चेतन दोनों वर्तमान में हिरासत में हैं। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
कैसे हुई थी केतन अग्रवाल की हत्या
बता दें कि सिया और केतन की नवंबर में शादी होने वाली थी। दोनों की बीते फरवरी में सगाई हो चुकी थी। सिया का चेतन चौधरी के साथ अफेयर चल रह था, ऐसे में वो इस शादी के लिए तैयार नहीं थी। इसने अपने परिवार को शादी से 'न' कहने की जगह केतन को मारना बेहतर समझा। अपने जन्मदिन से एक दिन पहले 18 जून को केतन को लेकर सिया लोहागढ़ किले पर पहुंची और यहां उसने चेतन के साथ मिलकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया।