देशभर में ठंड से हाल बेहाल, फिर कश्मीर से कैसे गायब हो गई बर्फ? पर्यटकों की संख्या घटी

Kashmir Ladakh News: इस बार की ठंड में कश्मीर पर्यटन के मुख्य आकर्षण गुलमर्ग को किसी की नजर लग गई है। वहां बर्फ ही नहीं दिख रही।

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Gulmarg Kashmir Snowfall
कश्मीर के गुलमर्ग से बर्फ गायब | Image: ANI

Kashmir Ladakh News: इस बार की ठंड में कश्मीर पर्यटन के मुख्य आकर्षण गुलमर्ग को किसी की नजर लग गई है। गुलमर्ग (Gulmarg) से बर्फ ही गायब हो गए हैं। इसके कारण पर्यटकों की संख्या घट गई है और रिसॉर्ट्स के व्यापार पर काफी असर पड़ रहा है। आपको बता दें कि आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल पर्यटकों की संख्या 60 प्रतिशत तक गिर गई है।

स्टोरी की खास बातें

  • कश्मीर के गुलमर्ग से गायब हो गई बर्फ
  • पर्यटकों की संख्या घटी, व्यापार पर असर
  • बर्फबारी कम होने से बिगड़ सकते हैं हालात

कश्मीर के गुलमर्ग से गायब हो गई बर्फ

कश्मीर में बर्फबारी (Snowfall in Kashmir) केवल पर्यटन के आकर्षण के तौर पर जरूरी नहीं है, बल्कि इसका लोकल पर्यावरण पर भी काफी असर पड़ता है। आमतौर पर दिसंबर की शुरुआत में कश्मीर में बर्फबारी होती है और उसके बाद पूरे जनवरी महीने बर्फबारी चलती रहती है। हालांकि, इस बार ऐसा नहीं हुआ। अगर पूरे सीजन की बात करें तो ये सर्दी का मौसम कश्मीर के लोगों के लिए सूखा बीता है। इसका कारण ये है कि दिसंबर में बर्फबारी में 80 प्रतिशत तो जनवरी में 100 प्रतिशत की कमी देखी गई है।

क्यों कम हो रही कश्मीर में बर्फबारी?

पश्चिमी विक्षोभ (Winter Disturbance) मानसून के बाद और सर्दियों के महीनों के दौरान उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा का प्राथमिक स्रोत हैं। जानकारों की मानें तो ठंड के दौरान हर महीने करीब 4-5 ऐसे इवेंट्स होते हैं, जिसके कारण बारिश होती है। हालांकि, इस बार दिसंबर और जनवरी में एक-एक बार ऐसा इवेंट देखा गया था, लेकिन बारिश नहीं हुई।

आपको बता दें कि कम बारिश के कारण कश्मीर के वातावरण पर कई प्रभाव पड़ सकते हैं। इनमें कम पनबिजली का उत्पादन, ग्लेशियर पिघलने की दर में वृद्धि, पेयजल आपूर्ति पर प्रतिकूल प्रभाव, जंगल की आग में वृद्धि और फसल उत्पादन में गिरावट शामिल है।

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Published By:
 Kunal Verma
पब्लिश्ड