Temple Stampede Reason: क्षमता 2000, श्रद्धालु जुटे 25000... वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में कैसे मची भगदड़? जिसमें 10 लोगों ने गंवाई जान
काकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की वजह से भगदड़ मच गई। घटना से कम से कम दस श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
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आंध्र प्रदेश के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में आज, 1 नवंबर को भगदड़ मचने से कम से कम दस श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे शामिल है। मंदिर में शनिवार को एकादशी उत्सव के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। राहत और बचाव कार्य जारी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
हिंदू पंचांग में शुभ दिन माने जाने वाले 'कार्तिक एकादशी' के अवसर पर काकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की वजह से भगदड़ मच गई। मंदिर के प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं की अचानक भारी भीड़ उमड़ गई, जिससे लोगों में अफरा-तफरा मच गई। मंदिर में झमता से ज्यादा भीड़ उमड़ने की वजह से यह हादसा हुआ। अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं।
इस वजह से मंदिर में मची भगदड़
जानकारी के मुताबिक, कार्तिक एकादशी के मौके पर मंदिर में लगभग 25,000 श्रद्धालु जुट गए थे। हालांकि, मंदिर की क्षमता केवल 2,000 से 3,000 श्रद्धालुओं की है। इतनी भीड़ को संभालने के लिए कोई व्यवस्था भी नहीं की गई थी। मंदिर के प्रवेश द्वार से अंदर आने के लिए धक्का-मुक्की होने लगी और फिर देखते ही देखते भगदड़ मच गई। हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है और मुआवजे का ऐलान किया है।
पीएम मोदी ने घटना पर जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
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सीएम नायडू ने जनप्रतिनिधियों को दिया ये आदेश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों की समुचित इलाज के आदेश दिए। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, काकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना से दुखी हूं। मैंने अधिकारियों को घायलों को शीघ्र और उचित उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया है। मैंने स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से घटनास्थल का दौरा करने और राहत कार्यों की निगरानी करने का अनुरोध किया है।"
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह से ही मंदिर में भीड़ उमड़ने लगी थी। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ने लगी और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण हालात बेकाबू हो गए। हालांकि, घटना के तुरंत बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों में मंदिर के अंदर दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।