कर्नाटक की अदालत ने एमयूडीए मामले में फैसला सुरक्षित रखा

बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से जुड़े एमयूडीए मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

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court hammer | Image: AI Photo (सांकेतिक फोटो)

बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से जुड़े एमयूडीए मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। फैसला तीन अप्रैल को सुनाया जाना निर्धारित है। सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवायी करने वाली विशेष अदालत ने सिद्धरमैया के खिलाफ शिकायतकर्ता स्नेहमयी कृष्णा द्वारा दायर मामले में दलीलें सुनीं।

शिकायतकर्ता व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत बी-फाइनल रिपोर्ट के संबंध में दलीलें प्रस्तुत कीं।

विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) वेंकटेश अरबत्ती ने भी अदालत में दलीलें रखीं। उन्होंने सीआरपीसी की धारा 173(8) के तहत जांच अधिकारी को आगे की जांच करने की अनुमति देने के पक्ष में दलील दी।

विशेष लोक अभियोजक ने अपनी दलीलों के समर्थन के लिए उच्चतम न्यायालय के प्रासंगिक निर्णयों का हवाला दिया।

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अदालत ने अब बी-रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है और इसे तीन अप्रैल, 2025 को सुनाने के लिए निर्धारित किया है। यह मामला मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के अलावा उनकी पत्नी पार्वती बी एम, मल्लिकार्जुन स्वामी और देवराजू भी इस मामले में आरोपी हैं।

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Published By:
 Deepak Gupta
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