K Kavitha: पिता KCR को छोड़ बेटी के. कविता ने बनाई अपनी पार्टी, रखा ये नाम, बोलीं- तुम्हारा समय समाप्त हुआ, अब...
K Kavitha New Party: पिता के. चंद्रशेखर राव से अलग होकर उनकी बेटी के. कविता ने अपनी पार्टी बना ली है। उन्होंने नई पार्टी के नाम का भी ऐलान कर दिया।
- भारत
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K Kavitha Party: तेलंगाना की राजनीति में बड़ा बदलाव आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी के. कविता अपनी नई पार्टी बना ली है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम 'तेलंगाना राष्ट्र सेना' (TRS) रखा है। के. कविता ने पार्टी के नाम की घोषणा करते हुए एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें लिखा कि तुम्हारा समय समाप्त हुआ, अब हमारा समय है।
अपनी आकांक्षाओं को मिटने नहीं देंगे- के. कविता
इस पोस्ट में के. कविता ने यह भी लिखा, "हम पीछे नहीं हटेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए; अब समय आ गया है कि तेलंगाना की जनता अपनी बात कहे। हम अपनी आकांक्षाओं को मिटने नहीं देंगे; अगर तुम हमारे रास्ते में आए, तो राख बनकर रह जाओगे।"
'BRS ने अपनी आत्मा हो दी है'
के. कविता ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को राज्य में नई क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी शुरू करने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी राज्य की "आकांक्षाओं और अधूरे एजेंडे" पर ध्यान देगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने अपनी आत्मा हो गई है।
कविता ने कहा था कि उन्हें और उनके समर्थकों को बीआरएस से "निष्कासित" कर दिया गया था और उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी नहीं छोड़ी थी। उन्होंने कहा कि BRS पार्टी का गठन तेलंगाना की क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया गया था, लेकिन उन्होंने अपना नाम, काम और पार्टी की मूल भावना ही बदल दी, जिसके वजह से जनता के साथ उनका संबंध टूट गया।
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उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिस BRS पार्टी के मेरे पिता अध्यक्ष हैं, उसने हमें निष्कासित कर दिया है। हमने उन्हें नहीं छोड़ा है, न परिवार को और न ही पार्टी को। हमें निष्कासित किया गया है।
‘मैं तेलंगाना की बेटी हूं, मेरे खून में तेलंगाना…’
कविता ने कहा कि मैं तेलंगाना की बेटी हूं। मेरे खून में तेलंगाना है, तेलंगाना का जज्बा है। हम बहुत दृढ़ हैं, अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। हमने अपने जीवन के 20 साल तेलंगाना आंदोलन में बिताए हैं। तेलंगाना का विकास करने के लिए, उसकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, चाहे हमारी पुरानी पार्टी हो या न हो, चाहे हमारा परिवार हमारे साथ हो या न हो, मेरा मानना है कि तेलंगाना के लोग ही मेरा परिवार हैं। तेलंगाना की मिट्टी की सुगंध हमें प्रेरित करती रहेगी।