JNU Clash: हाथ में डंडा, चाकू और पत्थर... नकाबपोश लेफ्ट समर्थकों ने पीटा, बाथरूम में छिपकर बचाई जान- ABVP छात्र ने लगाए आरोप
जेएनयू कैंपस में उस वक्त तनाव बढ़ गया जब ABVP और वामपंथी (Left) छात्र संगठनों ने एक-दूसरे पर मारपीट और हिंसा का आरोप लगाया। अब इस घटना पर ABVP यूनिट के सेक्रेटरी का बयान सामने आया है। उन्होंने लेफ्ट समर्थित लोगों पर हमले का आरोप लगाया और दावा किया कि उन पर पत्थरबाजी हुई, जिससे बचने के लिए उन्हें बाथरूप में छिपना पड़ा।
- भारत
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JNU ABVP Left Clash: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक बार फिर आधी रात एबीवीपी और लेफ्ट समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का आरोप है कि कार्यकर्ताओं पर लेफ्ट समर्थित नकाबपोश लोगों की ओर से हमला किया गया। दावा किया गया कि उनके हाथों में हॉकी स्टिक, लोहे की रॉड, पत्थर और चाकू थे।
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) यूनिट के सेक्रेटरी प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा, 'कल JNU के कुछ लेफ्टिस्ट ऑर्गनाइजेशन ने साबरमती टी पॉइंट से VC के घर तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। लेफ्ट समर्थित नकाबपोश लोगों की संख्या 300 से 400 तक की थी। फिर वे स्कूल एरिया में घुस गए और स्टूडेंट्स को धमकाया। नाकबपोश लोगों के पास हॉकी स्टिक, लोहे की रॉड, पत्थर, चाकू थे।'
फोन छीने और हमला किया- ABVP
उन्होंने आगे कहा, 'उन्होंने कुछ स्टूडेंट्स पर हमला भी किया। ABVP के कुछ कार्यकर्ताओं को भी पीटा गया। जब हमने उनके कैंप में रखे डंडों, रॉड, पत्थरों का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो उन्होंने हमारे फोन छीन लिए और कुछ तोड़ भी दिए। बीती रात हम 10 से 12 छात्र थे, इस दौरान 300 से 400 की संख्या में उन्होंने हम पर हमला कर दिया। उन्होंने हम पर पत्थर भी फेंके और हममें से कुछ ने अपनी जान बचाने के लिए स्कूल की बिल्डिंग में शरण ली। हमारे 6-7 कार्यकर्ता बुरी तरह घायल हो गए हैं और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।'
'नकाबपोश भीड़ ने पढ़ने वाले छात्रों को भगाया'
JNUSU संयुक्त सचिव, एबीवीपी, वैभव मीणा ने कहा, 'पिछले 7-8 दिनों से वामपंथी संगठन की स्ट्राइक चल रही थी। बीती रात VC हाउस के घेराव की उनकी बड़ी रैली थी। इसके बाद उन्होंने पूरी रात कैंपस में आतंक फैलाया। स्कूल के स्टडी रूम में जहां छात्र पढ़ाई कर रहे थे, वहां 300 से 400 की संख्या में नकाबपोश भीड़ ने उन्हें भगाया। स्कूल पर ताले लगाए गए। जिन्होंने विरोध किया उनके साथ मारपीट की गई। ABVP कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर मारा गया।'
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'बाथरूम में छिपकर बचाई जान'
उन्होंने आगे कहा, 'जैसे तैसे हम लोगों ने भाग कर जान बचाई और हम लोग बाथरूम में अपना दरवाजा बंद करके बचे। इस पूरे बवाल के दौरान 10 से 15 हमारे साथियों को चोटें आई हैं। मुझे भी चोट आई है। हमारे एक साथी को अधमरा करके छोड़ दिया गया। दिल्ली पुलिस वहां मूकदर्शक बनकर खड़ी रही।'
JNU का सांप्रदायिकरण करने की कोशिश- कांग्रेस प्रवक्ता
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, ‘JNU के कुलपति JNU के बच्चों के अभिभावक की तरह हैं। वे ऐसी बात क्यों करते हैं, जिनसे बच्चे आक्रोशित हो। जब से वे कुलपति गई हैं तभी से JNU का सांप्रदायिकरण करने की कोशिश की जा रही है। इस कोशिश से बचा जाना चाहिए... भाजपा के शासनकाल में सभी विश्वविद्यालयों का संघीकरण हो रहा है, इसके खिलाफ आवाज उठाई जानी चाहिए।’
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क्या है पूरा मामला?
दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार की आधी रात छाक्ष संगठनों लेफ्ट और एबीवीपी के बीच हिंसक झड़प हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि कैंपस के कई हिस्सों में मारपीट, पथराव और भगदड़ मच गई।
लेफ्ट-राइट विंग के छात्र आपस में भिड़े
बताया जा रहा है कि जेएनयू के कुलपति पर कथित जातिवादी टिप्पणी के विरोध में लेफ्ट छात्र संगठनों ने मार्च निकाला था। इस मार्च में छात्रों की ओर से VC के इस्तीफे की मांग की गई। लेफ्ट का आरोप है कि मार्च के दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की, जिसके बाद तनाव बढ़ता ही चला गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई। वहीं एबीवीपी का दावा है कि लेफ्ट संगठनों की ओर से हमला किया गया उनके शांतिपूर्वक तरीके से पढ़ाई कर रहे छात्रों को निशाना बनाया गया।