अपडेटेड 6 January 2026 at 14:24 IST

PM मोदी-अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी से फिर विवादों में JNU, कपिल मिश्रा बोले- सांपों के फन कुचले जा रहे तो वो बिलबिला रहे हैं

JNU में छात्रों के एक समूह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे लगाए हैं। यह नारेबाजी SC के उस फैसले के बाद हुई जिसमें उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किया गया है।

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JNU protests
JNU में PM मोदी-अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी | Image: Republic

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में एक्टिविस्ट उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार किए जाने के फैसले के विरोध में JNU में नारेबाजी हुई है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्रों के एक समूह ने कैंपस के अंदर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे लगाए।

सोमवार, 5 जनवरी को JNU में तनाव उस समय बढ़ गया, जब छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए। छात्रों ने RSS पर भी हमला बोला और आपत्तिजनक नारेबाजी की। कैंपस के अंदर छात्रों के एक समूह ने सबरमती हॉस्टल के बाहर प्रदर्शन किया। छात्र उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े बड़ी साजिश के मामले में एक्टिविस्ट उमर खालिद और शरजील इमाम को SC के जमानत देने से इनकार करने के फैसले पर गुस्सा जता रहे थे।

JNU में लगे आपत्तिजनक नारे

यह प्रदर्शन 5 जनवरी, 2020 की घटना की छठी सालगिरह के मौके पर भी हुआ, जब नकाबपोश हमलावरों ने JNU कैंपस में छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था। इस दिन को याद करते हुए, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) ने इसे एक क्रूर हमला बताया और आरोप लगाया कि हमलावर अभी भी अज्ञात हैं।

2020 की हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

JNUSU ने सोमवार रात को कैंपस में एक "गुरिल्ला ढाबा" का आयोजन किया, जिसे 2020 की हिंसा के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध बताया गया। जब विवादित नारे लगाए गए, तब वामपंथी संगठनों से जुड़े कई छात्र मौके पर मौजूद थे, जिनमें JNUSU के जॉइंट सेक्रेटरी दानिश और सेक्रेटरी सुनील शामिल थे।

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ABVP ने बताया JNU में क्या हुआ?

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की JNU यूनिट के वाइस प्रेसिडेंट मनीष चौधरी ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान "ABVP, RSS की कब्र खुदेगी" जैसे नारे भी लगाए गए। उन्होंने कहा कि JNU कैंपस में इस तरह की नारेबाजी आम बात हो गई है।

सांपों के फन कुचले जा रहें हैं- कपिल मिश्रा

वहीं, JNU कैंपस में छात्रों की नारेबाजी पर बीजेपी नेता कपिल मिश्रा की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा, सांपों के फन कुचले जा रहें हैं,  सपोलें बिलबिला रहें हैं...
JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारें लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहें हैं, आतंकी निपटाए जा रहें हैं और दिल्ली के दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है। दंगाइयों के खिलाफ कठोर सजा देने का रास्ता खुल चुका है।  यही वजह है कि ये बिलबिला रहे हैं।  कुल मिलाकर इनके नारे बस नारे तक ही सीमित हैं। तो यह बस उनकी छटपटाहट है।"

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कपिल मिश्रा ने आगे कहा, "बात JNU की नहीं है, कुछ लोग हैं जो इस प्रकार के देश विरोधी, धर्म विरोधी नारे लगाते हैं। ये अफजल गुरू के लिए भी नारे लगाते हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आतंकियों के समर्थन में, नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाते हैं लेकिन कुल मिलाकर इनके नारे बस नारे तक ही सीमित हैं।

SC के फैसले पर क्या बोले RJD सांसद ?

वहीं, RJD सांसद मनोज झा ने JNU कैंपस में PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ हुई कथित नारेबाजी पर कहा, "मैं स्पष्ट तौर पर एक बात कहूं तो हम सब आहत हुए थे। एक-दो बातें बहुत चिंताजनक हैं, किसी को बिना ट्रायल के इतने सालों तक जेल में कैसे रखा जा सकता है, ताकि इसे सहनशक्ति की आखिरी परीक्षा माना जाए, और तभी उनके संवैधानिक अधिकार एक्टिवेट हों?

मैं मुर्दाबाद के नारों का विरोधी हूं-मनोज झा 

मनोज झा ने आगे कहा, "व्यक्तिगत तौर पर मैं मुर्दाबाद के नारों का विरोधी हूं और इसलिए ऐसे नारों की एक सभ्य लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। लेकिन यह चयनात्मक गुस्सा क्या है? जब बिहार की लड़कियों के बारे में कुछ कहा गया, तो किसी ने कोई गुस्सा क्यों नहीं दिखाया? हमारे लोकतंत्र में यह अस्वस्थ होने वाले लक्षण है।"
 

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Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 6 January 2026 at 14:24 IST