झारखंड में 'रक्तचरित्र', पति ने की पत्नी-दो बच्चों की हत्या फिर फांसी लगाकर दी जान, दुमका में मचा हड़कंप
झारखंड के दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र के बढ़ेत पंचायत के बरदेही गांव में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना हुई।
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झारखंड के दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र के बढ़ेत पंचायत के बरदेही गांव में मंगलवार सुबह दिल दहला देने वाली घटना हुई। गांव के एक शख्स ने पत्नी और दो बच्चों की हत्या के बाद खुद फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद से पूरे इलाके दहशत फैल गई है। जानकारी के मुताबिक पत्नी और दो बच्चों की हत्या घर में सोते समय धारदार हथियार से की गई, जबकि पति का शव घर से करीब 500 मीटर दूर खेत में मिला। सुबह गांव के लोग जब शौच के लिए बाहर निकले तो लाशें देखकर सनसनी फैल गई।
मृतकों की पहचान बीरेंद्र कुमार (32) पति, आरती कुमारी (27) पत्नी, विराज कुमार (02) पुत्र और रूही कुमारी (04) पुत्री के रूप में हुई है। दरअसल, हंसडीहा थाना क्षेत्र के बरदेही गांव का रहने वाले बीरेंद्र कुमार (उम्र 32 वर्ष) जो पेशे से मछली विक्रेता थे, वह बीते शुक्रवार को ही अपनी पत्नी आरती कुमारी को मायके से अपने घर लाए थे।
इस बीच रविवार सुबह परिजनों ने देखा कि पत्नी और दो बच्चे मृत अवस्था में पड़े हैं। इस बीच जब लोगों ने बीरेंद्र कुमार की खोजबीन शुरू की तो उनका शव घर से थोड़ी दूर पर खेत में मिला। इसके बाद लोगों ने तुरंत हंसडीहा पुलिस को मामले की सूचना दी। थाना प्रभारी ताराचंद अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अनुसंधान शुरू कर दी।
6 साल पहले हुई थी शादी
मृतक के पिता मनोज मांझी ने पुलिस को बयान दिया है। उन्होंने बताया कि जिंदा होने के शक में वीरेंद्र का शव पुलिस के आने से पहले उन्होंने फंदे से उतार लिया। मनोज ने अपने बयान में बीमारी और गरीबी से तंग आकर हत्या और सुसाइड करने की बात कही है, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
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मनोज मांझी ने बताया है कि 6 साल पहले वीरेंद्र की शादी देवघर जिले के गांव पालोजोरी की बेटी आरती से हुई थी। वीरेंद्र का 2 साल का बेटा विराज दिल की बीमारी से ग्रस्त था और काफी बीमार था। इलाज कराने के लिए ज्यादा पैसे नहीं थे, लेकिन फिर भी इलाज कराया जा रहा था, जिसके चलते आर्थिक तंग थी। विराज की बीमारी के कारण अकसर वीरेंद्र और आरती में नोंक-झोक होती थी। इसके चलते आरती कुछ दिन दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी।