जम्मू कश्मीर में विभागों का बंटवारा, उमर अब्दुल्ला के किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय मिला, पूरी लिस्ट
जम्मू-कश्मीर में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को 5 विभाग के अलावा सकीना इटू, जावेद राणा और जावेद डार को 4-4 मंत्रालय दिए हैं। सतीश शर्मा 7 विभाग संभालेंगे।
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Jammu Kashmir News: जम्मू कश्मीर में नई सरकार के गठन के बाद उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली मंत्रिमंडल के लिए अब विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर के मंत्रियों को विभाग आवंटित किए हैं। इसमें उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को भी 5 विभाग सौंपे गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरिंदर चौधरी के अलावा सकीना इटू, जावेद राणा और जावेद डार को 4-4 मंत्रालय दिए हैं। सतीश शर्मा के लिए 7 विभाग आवंटित गिए गए हैं। मुख्यमंत्री की सलाह पर विभागों के आवंटन का आदेश एलजी ने जारी किया। आदेश में कहा गया है कि जो अन्य विषय किसी भी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं, वो मुख्यमंत्री के पास रहेंगे।
किसे कौन सा विभाग सौंपा गया है?
- उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी: आरएंडबी, उद्योग, खनन, श्रम और रोजगार तथा कौशल विकास विभाग
- सकीना इटू: स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और सामाजिक कल्याण विभाग
- जावेद राणा: जल शक्ति, वन, जनजातीय मामले और पर्यावरण विभाग
- जावेद डार: कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास और पंचायती राज, सहकारिता और चुनाव विभाग
- सतीश शर्मा: खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले, परिवहन, विज्ञान प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, युवा सेवाएं, खेल और एआरआई और प्रशिक्षण विभाग
16 अक्टूबर को उमर अब्दुल्ला ने ली CM पद की शपथ
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने 16 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जो आर्टिकल 370 हटने और पूर्ण राज्य के केंद्र शासित राज्य में तब्दील होने के बाद पहली निर्वाचित सरकार है। अब्दुल्ला ने इससे पहले 2009 से 2014 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया था, जब जम्मू और कश्मीर एक पूर्ण राज्य था। नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन का हिस्सा कांग्रेस पार्टी ने इस समय नए प्रशासन में कोई मंत्री पद नहीं लेने का विकल्प चुना है।
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हालिया जम्मू कश्मीर चुनाव में उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस को जीत मिली है। राज्य में नेशनल कॉन्फ्रेंस सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन ये अपने दम पर पूर्ण बहुमत से दूर रही। फिलहाल उमर अब्दुल्ला ने कुछ निर्दलीय विधायकों और कांग्रेस के 6 विधायकों के बाहरी समर्थन के साथ सरकार बनाई है। जम्मू कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों में से 29 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी यहां दूसरा सबसे बड़ा दल बनी। चुनाव में 7 निर्दलीय और 3 पीडीपी कैंडिडेट भी जीतकर आए।