अपडेटेड 18 January 2025 at 09:52 IST
SpaDeX Mission: भारत पर टिकी थीं दुनिया की नजरें, ISRO ने रचा इतिहास... स्पेस में सैटेलाइट्स के 'महामिलन' का पूरा VIDEO
16 जनवरी की सुबह ISRO ने इतिहास रचते हुए सैटेलाइट्स की सफल डॉकिंग कराई। ISRO ने उस ऐतिहासिक क्षण का VIDEO जारी कर दिया है।
- भारत
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ISRO SpaDeX Mission: SpaDex Video: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) ने दो दिन पहले एक बार फिर इतिहास रचते हुए SpaDeX के तहत सैटेलाइट्स की सफल डॉकिंग की। पहली ही कोशिश में इसरो को सफलता हाथ लगी। अंतरिक्ष में दो सैटेलाइट को जोड़कर अद्भुत उपलब्धि हासिल करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया। अब ISRO ने उस ऐतिहासिक क्षण का VIDEO जारी किया है।
बता दें कि 30 दिसंबर को स्पेडेक्स मिशन लॉन्च हुआ था। गुरुवार (16 जनवरी) की सुबह मिशन के तहत सफल डॉकिंग की गई। अब ISRO ने वीडियो जारी कर दिखाया है कि कैसे भारत ने अंतरिक्ष में इतिहास रचा?
ISRO ने जारी किया ऐतिहासिक क्षण का पूरा VIDEO
वीडियो में SpaDeX मिशन की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी जर्नी को दिखाया है। वीडियो में पहले 30 दिसंबर को मिशन की लॉन्चिंग दिखाई गई। फिर वो पल भी इस वीडियो में देखाया गया, जब ISRO के वैज्ञानिक टकटकी लगाकर सालों की मेहनत की सफलता का बेसब्री से इंतजार करते हैं।
इसके बाद जैसे ही मिशन सफल होता है और अंतरिक्ष में दोनों सैटेलाइट्स एक-दूसरे से जुड़ते हैं... पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता है। फिर के ISRO के नए चीफ वी. नारायणन टीम को बधाई देते हैं, जिन्होंने इस मिशन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
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स्पेस डॉकिंग में सफलता मिलने के बाद अब ISRO अनडॉकिंग यानी दोनों सैटेलाइट्स को अलग करने और इनमें पॉवर ट्रांसफर चेक करने का काम करेगा।
30 दिसंबर को शुरू हुआ था मिशन
इससे पहले 12 जनवरी को ISRO ने उपग्रहों को ‘डॉक’ करने के परीक्षण के तहत दो अंतरिक्ष यान को 3 मीटर की दूरी पर लाकर और फिर सुरक्षित दूरी पर वापस भेजा था। ISRO का स्पेडेक्स मिशन दो छोटे अंतरिक्ष यान का उपयोग कर अंतरिक्ष में ‘डॉकिंग’ के लिए एक किफायती प्रौद्योगिकी मिशन है जिसे PSLV के जरिए लॉन्च किया गया था। वहीं, 30 दिसंबर 2024 को ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट’ (स्पेडेक्स) मिशन को सफलतापूर्वक शुरू किया था।
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क्यों खास है ये मिशन?
SpaDeX मिशन भारत के भविष्य के स्पेस मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे कई मिशनों जैसे भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) और चंद्रयान-4 की सफलता का रास्ता आसान होगा। यहां यह भी जान लें कि भारत से पहले केवल रूस, अमेरिका और चीन ही स्पेस में सफल डॉकिंग कर पाए हैं।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 18 January 2025 at 09:51 IST