Railway PNR: दशकों बाद रेलवे टिकट बुकिंग पीएनआर में होगा बड़ा बदलाव, अब नहीं होगी 10 अंकों की सीरीज, जानिए क्या होगा फायदा

भारतीय रेलवे ने अपने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को तकनीकी रूप से अपडेट करते हुए PNR नंबर प्रणाली में एक बड़ा बदलाव किया है। रेलवे ने PNR की पुरानी 'इवन सीरीज' को बदलकर नई 'माइग्रेटेड PNR सीरीज' को लागू कर दिया है।

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Railway PNR: दशकों बाद रेलवे टिकट बुकिंग पीएनआर में होगा बड़ा बदलाव, अब नहीं होगी 10 अंकों की सीरीज, जानिए क्या होगा फायदा
Railway PNR: दशकों बाद रेलवे टिकट बुकिंग पीएनआर में होगा बड़ा बदलाव, अब नहीं होगी 10 अंकों की सीरीज, जानिए क्या होगा फायदा | Image: X

क्या आप भी ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं? अगर आप आने वाले त्योहारी सीजन में घर जाने की योजना बना रहे हैं या अक्सर ट्रेन से यात्रा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। भारतीय रेलवे ने अपने दशकों पुराने रिजर्वेशन और बुकिंग सिस्टम में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब आपके ट्रेन टिकट पर दर्ज 10 अंकों वाले PNR पैसेंजर नेम रिकॉर्ड नंबर का पूरा स्वरूप बदलने जा रहा है। रेलवे दिसंबर 2026 के तीसरे हफ्ते से देश की सभी ट्रेनों में 'माइग्रेटेड पीएनआर' की यह नई व्यवस्था पूरी तरह से लागू करने जा रहा है।

आइए जानते हैं कि रेलवे का यह नया फैसला क्या है और इससे आपकी यात्रा पर क्या असर पड़ेगा।

पीएनआर (PNR) नंबरों में क्या हुआ है बदलाव?

पहले की व्यवस्था में, जब आप टिकट बुक करते थे, तो PNR का पहला अंक इस बात पर निर्भर करता था कि आपकी ट्रेन का डेटाबेस किस जोन के सेंटर से जुड़ा है। 
दिल्ली सेंटर- 2 से शुरुआत
चेन्नई सेंटर- 4 से शुरुआत
कोलकाता सेंटर- 6 से शुरुआत
मुंबई सेंटर- 8 से शुरुआत

यानी, पुरानी परंपरा के अनुसार PNR नंबर हमेशा सम संख्याओं यानी कि Even Numbers - 2, 4, 6, 8 से शुरू होते थे। लेकिन अब यह दशकों पुराना चलन खत्म होने जा रहा है। नए सिस्टम के तहत दिसंबर 2026 के बाद से टिकट बुक करने पर आपके PNR नंबर की शुरुआत विषम संख्याओं Odd Numbers - 1, 3, 5, या 7 से होगी।

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शुरू हो चुका है पायलट प्रोजेक्ट

रेलवे ने इस नई व्यवस्था का सफल परीक्षण भी कर लिया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से चलने वाली ट्रेन संख्या 14210 में इस पायलट प्रोजेक्ट को आजमाया गया है, जहां जारी किए जा रहे नए PNR नंबरों की शुरुआत 500 की सीरीज से हो रही है।

आखिर क्यों किया गया यह बदलाव और क्या होंगे इसके फायदे?

सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) ने अपने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को आधुनिक और हाई-टेक 'नेक्स्ट जेनरेशन सिस्टम' में अपग्रेड किया है। पुराना सिस्टम नए सुपरफास्ट सॉफ्टवेयर के साथ तालमेल बिठाने में धीमा साबित हो रहा था। इसी तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए PNR सीरीज को माइग्रेट किया गया है।

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इस नए अपग्रेड से यात्रियों को मुख्य रूप से 4 बड़े फायदे मिलेंगे

  • चाहे आप रेलवे काउंटर से टिकट लें या IRCTC ऐप का इस्तेमाल करें, बुकिंग की स्पीड पहले से कई गुना तेज हो जाएगी।
  • यदि टिकट बुक करते समय यात्री के नाम में कोई स्पेलिंग मिस्टेक हो जाती है, तो अब उसे सिर्फ एक क्लिक पर तुरंत सुधारा जा सकेगा।
  • ट्रेन में लोअर बर्थ की सटीक स्थिति और किराये के एक-एक पैसे का स्पष्ट और सही हिसाब तुरंत स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • ट्रेनों में खाली सीटों की जानकारी Seat Availability अब बिना किसी देरी के चुटकियों में अपडेट हो जाएगी।

एडवांस टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए जरूरी चेतावनी

अगर आपने नई व्यवस्था के लागू होने से पहले ही अपनी यात्रा के लिए एडवांस में टिकट बुक करवा लिया है, तो आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। यदि आप अपनी यात्रा की तारीख, यात्री के नाम या क्लास जैसे स्लीपर से एसी में कोई बदलाव करना चाहते हैं, तो नए सिस्टम में पुराने टिकट को मॉडिफाई करने की सुविधा नहीं मिलेगी।

ऐसे किसी भी बदलाव के लिए आपको अपना पुराना टिकट कैंसिल करना होगा और नए सिरे से टिकट बुक करनी पड़ेगी। इसलिए, यदि आपके मन में एडवांस बुकिंग में फेरबदल करने का कोई विचार है, तो कदम थोड़ा सोच-समझकर उठाएं।

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Published By:
 Aarya Pandey
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