MP: सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी का कहर, एक हफ्ते में 3 की मौत,150 बीमार; CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन

इंदौर में दूषित पानी का मामला गंभीर होता जा रहा है। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 150 से ज्यादा लोग बीमार है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है।

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Indore contaminated water
इंदौर में दूषित पानी का कहर | Image: Republic

मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर इन दिनों अपनी खूबसूरती और स्वच्छता की वजह से नहीं बल्कि किसी और वजह से चर्चा में है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग बीमार बताए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। पानी के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है।

इंदौर में दूषित पानी का मामला गंभीर होता जा रहा है। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 35 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। एक हफ्ते में 150 लोगों ने स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की है। सभी मरीजों का इलाज शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना और मौतों की पुष्टि की।

भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी का कहर

जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में 24 दिसंबर से लगातार लोग बीमार हो रहे थे। शुरुआत में कुछ मरीज आए थे लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ने लगी। ज्यादातर मरीजों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह नंदलाल पाल (75) की वर्मा हॉस्पिटल में मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।  मेडिकल हिस्ट्री में सामने आया है कि उन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या थी और वे नियमित रूप से दवा नहीं लेते थे। डॉक्टरों का कहना है कि इसी वजह से कार्डियक अरेस्ट की आशंका बनी, हालांकि परिजनों का दावा है कि दूषित पानी पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ी।

लोगों ने की उल्टी-दस्त की शिकायत 

नंदलाल पाल के अलावा दो महिलाओं की मौत की भी जानकारी सामने आई है। परिजनों का कहना है कि दूषित पानी पीने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रशासन ने तीनों मामलों को लेकर जांच शुरू कर दी है। पिछले एक हफ्ते में भागीरथपुरा इलाके से करीब 150 लोगों ने उल्टी-दस्त की शिकायत की है। इतनी बढ़ी संख्या में मरीजों की शिकायत के बाद सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है।

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सीएम ने इन अधिकारियों को किया निलंबित

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित जोनल अधिकारी जोन क्रमांक 4, सहायक यंत्री एवं प्रभारी सहायक यंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से निलंबित एवं प्रभारी उपयंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक किया गया है। घटना की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है। सीएम ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कैलाश विजयवर्गीय ने मरीजों को दिया बड़ा आश्वासन

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सभी मरीजों का इलाज सरकार के खर्च पर कराया जाएगा। जिन लोगों ने इलाज के लिए पहले से पैसे जमा किए हैं, उन्हें रिफंड दिलाया जाएगा। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि वार्ड और आसपास चल रही खुदाई या फिर पानी की टंकी के दूषित होने से यह स्थिति बनी है। क्षेत्र में नर्मदा का पानी सप्लाई किया जाता है, लेकिन सप्लाई लाइन में गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। प्रशासन का कहना है कि पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Published By:
 Rupam Kumari
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