IndiGo Flight Chaos: देशभर में सैकड़ों फ्लाइट रद्द... IndiGo विमान संचालन में दिक्कत, कई शहरों में यात्री फंसे; DGCA ने अफसरों को किया तलब
देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो इस समय एक गंभीर संकट का सामना कर रही है, जिसका असर सीधे तौर पर यात्रियों की सुविधा पर पड़ा है। हाल के दिनों में, देश के आठ प्रमुख हवाई अड्डों से 100 से अधिक इंडिगो फ्लाइटें रद्द कर दी गई हैं।
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देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो इस समय एक गंभीर संकट का सामना कर रही है, जिसका असर सीधे तौर पर यात्रियों की सुविधा पर पड़ा है। हाल के दिनों में, देश के आठ प्रमुख हवाई अड्डों से 100 से अधिक इंडिगो फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्री फंसे और उनकी यात्रा बाधित हुई। उड़ानों में लगातार हो रही देरी और रद्दीकरण की वजह से हवाई किराए में भी अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है, जो खासतौर पर व्यस्त रूटों पर भारी महंगी साबित हो रही हैं।
बड़े शहरों में सबसे ज्यादा समस्याएं देखने को मिलीं। बेंगलुरु में 42, दिल्ली में 38, अहमदाबाद में 25, हैदराबाद में 19, इंदौर में 11, कोलकाता में 10 और सूरत में 8 उड़ानें रद्द हुईं। कुल मिलाकर इन प्रमुख शहरों से 150 से अधिक उड़ानों को रद्द किया गया, जिसके कारण यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई बार एयरलाइन स्टाफ के साथ विवाद भी हुआ।
इस गड़बड़ी का मुख्य कारण बताया जा रहा है क्रू मेंबर्स, खासकर पायलटों की भारी कमी। इंडिगो के पायलेट्स एसोसिएशन ने दावा किया है कि कंपनी इस कमी को छुपाने की कोशिश कर रही है और देरी व रद्दीकरण के बहाने उड़ान के ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) नियमों में ढील हासिल करने का प्रयास कर रही है। यह मामला केवल पायलटों की कमी का नहीं, बल्कि कंपनी के नियमों में बदलाव की मांग का भी प्रतीक है।
DGCA के नए नियम भी हैं परेशानी का कारण
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DGCA ने 1 नवंबर से पायलटों और अन्य क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। इसे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया है। इन्हें दो चरणों में लागू किया गया। पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ। वहीं 1 नवंबर से दूसरा चरण लागू हुआ। नए नियमों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देने पर जोर दिया गया है। इसके कारण एयरलाइन कंपनियों के पास पायलटों और क्रू मेंबर्स की अचानक कमी पड़ गई। इससे इंडिगो सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। DGCA ने बताया कि नवंबर में इंडिगो की कुल 1,232 उड़ानें कैंसिल की गईं, जिनमें FDTL नियमों के कारण 755 उड़ानें शामिल हैं।
दिल्ली-मुंबई रूट पर टिकट की कीमत 2100 से लेकर 25000 रुपए तक
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दिल्ली-मुंबई जैसे व्यस्त रूट पर टिकट की कीमतें सामान्य 4,000-5,000 रुपये से बढ़कर 21,000-25,000 रुपये तक पहुंच गई हैं, जिससे यात्रियों को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है। इंडिगो ने हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है और अगले 48 घंटे में स्थिति सुधारने का भरोसा दिया है। कंपनी ने तकनीकी समस्याएं, खराब मौसम, भीड़भाड़ और डीजीसीए के FDTL नियमों को समस्या का हिस्सा बताते हुए इस कठिन स्थिति से निपटने का प्रयास शुरू किया है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट समय से पहले पहुंचें और उड़ान की लाइव स्थिति नियमित जांचते रहें। फ्लाइट रद्द होने की स्थिति में रिफंड या वाउचर का विकल्प उपलब्ध है। कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए सतर्क रहना और जरूरत पड़ने पर एयरलाइन से पुनः रूटिंग करवाना महत्वपूर्ण है। इंडिगो के पास देश का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट बेड़ा है, जिसमें 434 विमान शामिल हैं और रोजाना 2,300 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं। इसके साथ 5,456 पायलट, 10,212 केबिन क्रू और कुल 41,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं, बावजूद इसके क्रू की कमी ने कंपनी को इस संकट में डाल दिया है।
धड़ाम हुआ इंडिगो का शेयर
एविएशन कंपनी इंडिगो के शेयरों में गुरुवार को तगड़ी गिरावट देखने को मिली। इंटरग्लोब एविएशन के शेयर शुरुआती कारोबार में 3.31% गिरकर 5407.30 रुपये पर आ गए, जबकि पिछली बार यह 5592.50 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी के कुल 0.21 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ और कुल 13.07 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 2.14 लाख करोड़ रुपये रह गया। इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 5, 10, 20, 50, 100 और 200 दिन मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। इस शेयर ने एक साल में 26 प्रतिशत और इस साल की शुरुआत से 20.66 प्रतिशत की तेजी दर्ज की है।
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