मौत, मर्डर और मिस्ट्री...वेनेजुएला से यूपी के राकेश चौहान का खोखला शव पहुंचा भारत, दिल, दिमाग, किडनी, लीवर सब थे गायब; आखिर कैसे हुआ ये सब?
वेनेजुएला में भारतीय नाविक राकेश चौहान की संदिग्ध मौत के बाद उनका शव यूपी के देवरिया लाया गया। परिजनों की मांग पर हुए दोबारा पोस्टमार्टम में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शव से दिल, दिमाग, फेफड़े और किडनी समेत सभी मुख्य अंग गायब थे।
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वेनेजुएला में मृत घोषित किए गए भारतीय नाविक के शरीर से आंतरिक अंगों के गायब होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। 33 वर्षीय राकेश चौहान के शव से मस्तिष्क, हृदय, फेफड़ों समेत कई आंतरिक अंग गायब मिलने के बाद परिवार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं फेडरेशन आफ सीफेरर्स यूनियंस आफ इंडिया ने भी घटना को गंभीर बताते हुए वेनेजुएला के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने व भारतीय दूतावास के तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक नाविक की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले राकेश चौहान के रूप में हुई है। राकेश पिछले साल नवंबर में मर्चेंट नेवी में नौकरी के लिए वेनेजुएला गए थे। वेनेजुएला में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनके शव को भारत भेजा गया। राकेश की शादी 2023 में हुई थी और उनका 6 महीने का एक बेटा है। वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे।
बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के भेजा शव
FSUI के अनुसार, वेनेजुएला के अधिकारियों ने राकेश का शव तो भारत भेज दिया, लेकिन मौत की वजह साफ नहीं की। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि शव के साथ कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट या आधिकारिक दस्तावेज नहीं दिए गए, जिससे मौत के हालातों का पता चल सके। परिजनों को पहले कंपनी से फोन आया था कि राकेश जहाज पर गिर गए हैं और उनका इलाज चल रहा है। इसके बाद अचानक मौत की खबर दे दी गई।
देवरिया के रहने वाले थे राकेश
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लगड़ा बाजार टोला के रहने वाले राकेश चौहान नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी के एक जहाज पर नौकरी के लिए वेनेजुएला गए थे। उन्हें 'एक्सफिनिटी' नाम की कंपनी ने भेजा था। सबकुछ ठीक था, लेकिन अचानक मई में एक खबर आई कि राकेश अब इस दुनिया में नहीं रहे।
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कंपनी के बयानों में 'झोल'
कंपनी के अधिकारियों ने पहले फोन पर बताया कि राकेश जहाज पर गिर गए थे, उन्हें चोटें आईं और उनका इलाज चल रहा है। फिर अगली सुबह दूसरी फोन कॉल में कहा गया कि राकेश के बचने की उम्मीद सिर्फ 5% है। तीसरा फोन में शाम तक उनकी मौत की पुष्टि कर दी गई। जब परिवार ने पूछा कि मौत कैसे हुई, तो कहा गया कि गिरने की चोटों की वजह से जान गई। वहीं कागजों पर बयान पूरी तरह से बदल गया। कहा गया कि राकेश की मौत 'कार्डियक अरेस्ट' से हुई है।
भारतीय डॉक्टरों की जांच में हुआ खुलासा
भारत में जब दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, तो एक बेहद चौंकाने वाली और डरावनी सच्चाई सामने आई। FSUI ने सोशल मीडिया पर बताया कि राकेश के शरीर में एक भी मुख्य ऑर्गन नहीं बचा था। दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लिवर, किडनी, पेट और आंत समेत लगभग सभी जरूरी अंग गायब थे। शव पर गर्दन से लेकर पेट के निचले हिस्से तक 22 टांके और एक कान से दूसरे कान तक 21 टांके लगे हुए थे।अंगों के न होने के कारण भारतीय डॉक्टर भी मौत की असली वजह का पता नहीं लगा पाए।
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परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग
राकेश के पिता रामदेव चौहान और गांव के पूर्व प्रधान घनश्याम सिंह का आरोप है कि राकेश की हत्या कर उनके अंगों की तस्करी की गई है और कंपनी इसमें शामिल है। दुखी परिवार ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी कंपनी पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
अब ऐसे में यूपी के रहने वाले राकेश चौहान की मौत हुई है या मर्डर है? इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक तौर से कुछ नहीं कहा गया है। फिलहाल फेडरेशन ऑफ सीफेयरर्स यूनियन ने मांग की है कि वेनेजुएला सरकार से इस मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच कराई जाए। वेनेजुएला में मौजूद भारतीय दूतावास तुरंत इस मामले में दखल दें। इतना ही नहीं, भारतीय नाविकों के हक के लिए लड़ने वाले संगठन FSUI ने इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाया है और इसे बेहद गंभीर बताया है। यूनियन का कहना है कि विदेश जाने वाले भारतीय वर्कर्स के साथ इस तरह का खिलवाड़ न किया जाए।