Petrol-Diesel Price Alert: डीजल पर टैक्स हुआ 5.5 रुपये सस्ता, लेकिन पेट्रोल एक्सपोर्ट पर बढ़ा दी गई ड्यूटी; जानिए जेब पर क्या होगा असर

केंद्र सरकार ने आज यानी बुधवार, 1 जुलाई 2026 से कच्चे तेल, डीजल और जेट फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स की दरों में बड़ा बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार, यह फैसला वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए लिया गया है। आइए जानते हैं।

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govt-hikes-petrol-diesel-windfall-tax-export-duty-on-petrol-cuts-levy-on-diesel-and-atf-from-today-1-july | Image: ANI

केंद्र सरकार ने आज यानी 1 जुलाई 2026 से पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल (ATF) पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ा बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, सरकार ने पेट्रोल पर टैक्स बढ़ा दिया है, जबकि डीजल और हवाई ईंधन (ATF) पर इसमें कटौती की है। यह फैसला तेल कंपनियों के मुनाफे और देश में ईंधन की उपलब्धता को ध्यान में रखकर लिया गया है।आइए जानते हैं कि नई  टैक्स दरें क्या हैं और इससे क्या बदलेगा? 
 

नई टैक्स 1 जुलाई 2026 से लागू

ईंधनपुराना टैक्स (प्रति लीटर)नया टैक्स (प्रति लीटर)बदलाव
पेट्रोल (Petrol)1.5 रुपऐ4.0 रुपऐ2.5 रुपऐ की बढ़ोतरी
डीजल (Diesel)14.0 रुपऐ8.5 रुपऐ5.5 रुपऐ की कटौती
एटीएफ (ATF - जेट फ्यूल)12.5 रुपऐ7.5 रुपऐ5.0 रुपऐ की कटौती

किन देशों को मिलेगी टैक्स में छूट? 

वित्त मंत्रालय ने एक और बड़ा ऐलान किया है। पहले सरकारी तेल कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए जाने वाले तेल निर्यात पर टैक्स से छूट मिलती थी। अब इस लिस्ट में दो नए देशों मॉरीशस और मालदीव को भी शामिल कर लिया गया है। यानी अब इन देशों को तेल भेजने पर कंपनियों को राहत मिलेगी।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला? 

मार्च में मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर यह विशेष टैक्स (SAED) लगाया था। हर 15 दिन में इसकी समीक्षा की जाती है।

पेट्रोल पर टैक्स क्यों बढ़ा? 

सरकार चाहती है कि देश की तेल कंपनियां सारा पेट्रोल विदेशों में न बेच दें, जिससे भारत में पेट्रोल की किल्लत हो जाए। टैक्स बढ़ने से कंपनियां देश में ही पेट्रोल बेचने को प्राथमिकता देंगी।

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डीजल और ATF पर टैक्स क्यों घटा? 

बाजार में डीजल और जेट फ्यूल की उपलब्धता सामान्य होने के कारण सरकार ने तेल कंपनियों को थोड़ी ढील दी है।

आम जनता पर क्या पड़ेगा असर

इस बदलाव का देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आपको बता दें, यह टैक्स तेल के इंपोर्ट पर नहीं, बल्कि केवल एक्सपोर्ट पर लगता है। इंडियन ऑयल, HPCL या BPCL जैसी कंपनियां जो तेल विदेशों में बेचकर भारी मुनाफा कमाती हैं, उन्हें यह टैक्स देना होगा। आम जनता के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम पहले जैसे ही बने रहेंगे।

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Published By:
 Aarya Pandey
पब्लिश्ड