Indian Railways: अब AI बताएगा टिकट कन्फर्म होगा या नहीं, अगस्त से बदल जाएगा रेलवे का 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम
भारतीय रेलवे अगस्त से 40 साल पुराना रिजर्वेशन सिस्टम बदल देगा। AI से वेटिंग टिकट कन्फर्मेशन की बेहतर जानकारी और तेज बुकिंग के साथ कम परेशानी होगी। जानें नई सुविधाओं में क्या कुछ खास होगा। पढ़ें पूरी खबर।
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Indian Railways PRS Upgrade: रेलवे अपने पुराे बुकिंग सिस्टम में थोड़ा बदलाव करने जा रहा है। अगस्त 2026 से लगभग 40 साल पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) आधुनिक हाई-कैपेसिटी प्लेटफॉर्म से बदल दिया जाएगा। ये बदलाव करोड़ों यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग को आसान और तेज बनाने वाला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में रेल भवन में इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए।
कैसा हुआ नया बुकिंग सिस्टम?
नया सिस्टम स्टेप बाय स्टेप तरीके से लागू किया जाएगा और ट्रेनों को धीरे-धीरे नए प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया जाएगा।
बेहतर क्षमता और परफॉर्मेंस: नया सिस्टम ज्यादा लोगों की बुकिंग आसानी से संभाल सकेगा। त्योहारों, गर्मियों की छुट्टियों या तत्काल बुकिंग के वक्त वेबसाइट स्लो होने और सर्वर क्रैश होने की समस्या काफी कम हो जाएगी।
टिकट कन्फर्मेशन की सटीक जानकारी: सबसे उपयोगी फीचर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल है। ये वेटिंग लिस्ट वाले टिकट के कन्फर्म होने की संभावना बताएगा। पहले यह सटीकता करीब 53% थी, जो अब बढ़कर 94% तक हो गई है। यात्री अपनी यात्रा पहले से बेहतर प्लान कर सकेंगे।
डिजिटल बुकिंग के लिए तैयार: अभी 88% टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं। नया सिस्टम इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह RailOne ऐप के साथ पूरी तरह जुड़ेगा। जुलाई 2025 में लॉन्च हुए इस ऐप को 3.5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड मिल चुके हैं और रोजाना औसतन 9.29 लाख टिकट बुक हो रहे हैं।
अब स्मार्ट बुकिंग की सुविधा मिलेगी
ये अपग्रेड रेलवे के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का बड़ा कदम होगा। पुरानी 1986 वाली व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से बदलकर रेलवे यात्रियों को स्मार्ट, तेज और भरोसेमंद बुकिंग सुविधा देना चाहता है। यात्री अब उम्मीद कर सकते हैं कि आने वाले वक्त में टिकट बुकिंग का अनुभव और भी बेहतर होगा।