डोनाल्ड ट्रंप के H1B visas फैसले से भारतीयों को झटका, विदेश मंत्रालय की आई पहली प्रतिक्रिया

India on US H1B visa program: भारतीय विदेश मंत्रालय ने US H1B visa program पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। इसके अनुसार मंत्रालय का कहना है - सरकार ने अमेरिकी H1B वीजा कार्यक्रम पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से संबंधित रिपोर्ट देखी हैं। इस उपाय के पूर्ण निहितार्थों का अध्ययन सभी संबंधित पक्षों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें भारतीय उद्योग भी शामिल है।

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India on US H1B visa program
India on US H1B visa program | Image: Randhir Jaiswal/The White House/X

India on US H1B visa program: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1B visa के लिए फीस को बढ़ाकर अब एक लाख डॉलर यानी करीब 88 लाख रुपये कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 70 फीसदी से अधिक भारतीय इस वीजा का इस्तेमाल करके अमेरिका जाते हैं और वहां नौकरी करते हैं। इनके लिए यह झटका माना जा रहा है। वहीं, यह नियम 21 सितंबर से ही लागू हो रहा है।

इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय की पहली प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा H1B visas की फीस में बढ़ोतरी (US H1B visa program) पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी शेयर किया है।


US H1B visa program पर क्या बोला भारत?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने US H1B visa program पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। इसके अनुसार मंत्रालय का कहना है - सरकार ने अमेरिकी H1B वीजा कार्यक्रम पर प्रस्तावित प्रतिबंधों से संबंधित रिपोर्ट देखी हैं। इस उपाय के पूर्ण निहितार्थों का अध्ययन सभी संबंधित पक्षों द्वारा किया जा रहा है, जिसमें भारतीय उद्योग भी शामिल है, जिसने H1B कार्यक्रम से संबंधित कुछ धारणाओं को स्पष्ट करते हुए एक प्रारंभिक विश्लेषण पहले ही प्रस्तुत कर दिया है।

इसमें आगे बताया गया है - भारत और अमेरिका दोनों के उद्योगों की नवाचार और रचनात्मकता में रुचि है और उनसे आगे के सर्वोत्तम मार्ग पर परामर्श की अपेक्षा की जा सकती है।

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कुशल प्रतिभाओं की गतिशीलता और आदान-प्रदान ने संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत में प्रौद्योगिकी विकास, नवाचार, आर्थिक विकास, प्रतिस्पर्धात्मकता और धन सृजन में अत्यधिक योगदान दिया है। इसलिए नीति निर्माता पारस्परिक लाभों को ध्यान में रखते हुए हाल के कदमों का मूल्यांकन करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच मजबूत जन-जन संबंध शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा है -  इस उपाय के परिवारों के लिए उत्पन्न व्यवधान के रूप में मानवीय परिणाम होने की संभावना है। सरकार को उम्मीद है कि अमेरिकी अधिकारी इन व्यवधानों का उचित समाधान कर सकते हैं।

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क्या है प्रेसिडेंट ट्रंप का आदेश?

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत कंपनियों द्वारा H-1B आवेदकों को प्रायोजित करने के लिए दी जाने वाली फीस को बढ़ाकर $100,000 कर दिया गया है।

व्हाइट हाउस के स्टाफ सचिव विल शार्फ ने कहा, “सबसे अधिक दुरुपयोग की जाने वाली वीजा प्रणालियों में से एक H1-B गैर-आप्रवासी वीजा कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य उन उच्च कुशल श्रमिकों को अमेरिका आने की अनुमति देना है जो उन क्षेत्रों में काम करते हैं जहां अमेरिकी काम नहीं करते।”
उन्होंने आगे बताया, "इस घोषणा से कंपनियों द्वारा H-1B आवेदकों को प्रायोजित करने के लिए दी जाने वाली फीस बढ़कर $100,000 हो जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वे जिन लोगों को ला रहे हैं वे वास्तव में अत्यधिक कुशल हैं और उनकी जगह अमेरिकी कर्मचारी नहीं ले सकते।"

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Published By:
 Amit Dubey
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