भारत और पाकिस्तान के लिए 18 मई क्यों अहम? 3 कारण बता रहे हैं ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 की आशंका से खौफ में आया PAK

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो टूक शब्दों में कह चुके हैं कि पिक्चर अभी बाकी हैं। ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। मतलब स्पष्ट है कि आतंकवादियों को और भी जवाब दिया जाएगा।

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India VS Pakistan
भारत पाकिस्तान के बीच 18 मई को फिर मीटिंग होगी. | Image: Republic

India Pakistan: पाकिस्तान में इस बात का डर अभी भी है कि भारत किसी समय हमला कर सकता है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। इससे पाकिस्तान के भीतर खौफ की स्थिति जाहिर है। हालांकि 18 मई की तारीख मायने रखती है, क्योंकि इसी दिन सीजफायर को लेकर भारत और पाकिस्तान के DGMO चौथे राउंड के लिए बातचीत की टेबल पर बैठेंगे।

22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। पड़ोसी देश के ड्रोन हमलों के परिणामस्वरूप भारत ने उनके कई हवाई ठिकानों पर हमला किया। भारत के हमलों को रोकने के प्रयास में पाकिस्तान ने तुर्किए-चीनी हथियारों,फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। दूसरी ओर भारत ने बहुत सारी स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल किया, जिससे उसे पाकिस्तान की संपत्तियों पर सटीक हमला करने में मदद मिली। पाकिस्तान खुद कबूल कर रहा है कि इसके मुल्क में भारी नुकसान हुआ है।

सीजफायर पर सस्पेंस किस लिए बढ़ा?

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो टूक शब्दों में कह चुके हैं कि पिक्चर अभी बाकी हैं। ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। मतलब स्पष्ट है कि आतंकवादियों को और भी जवाब दिया जाएगा। हालांकि इससे पाकिस्तान के भीतर डर है और इस खौफ में बिलावल भुट्टो जैसे पाकिस्तानी लीडर सीजफायर पर सवाल उठ रहे हैं। यहां तक कि पाकिस्तान की संसद में डर हुए सांसद आशंका जता रहे हैं कि भारत की ओर से फिर हमला किया जा सकता है। तो ऐसे में यही मान लिया जाए कि ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।

3 कारण और ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2

भारत साफ कर चुका है कि सीजफायर सिर्फ एक विराम है। जब तक पाकिस्तान की ओर से आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक शांति की उम्मीद सिर्फ भ्रम है। दूसरी बात ये कि डोनाल्ड ट्रंप को अपनी बात पर पीछे हटना पड़ा है, जो पहले कह रहे थे कि सीजफायर उनकी वजह से हुआ। डोनाल्ड ट्रंप को इसकी सच्चाई बतानी पड़ी और दुनिया के सामने कहना पड़ा कि उन्होंने पाकिस्तान और भारत के बीच सीजफायर में सिर्फ मदद की। राजनाथ सिंह की हुंकार और डोनाल्ड ट्रंप के अपने बयान से पीछे हटने पर इतना कहा जा सकता है कि पाकिस्तान में कहीं ना कहीं हड़कंप जैसी स्थिति बन चुकी है। ऐसे में बिलाबल भुट्टो की तरफ से सीजफायर टूटने के संकेत की बात करना स्थितियों को दूसरी ओर मोड सकता है, जहां भारत को जवाब देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 करना ही पड़ेगा।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड