भारत ने तोबड़तोड़ पाकिस्तान के कई ड्रोन मार गिराए लेकिन अब जासूसी कर रहा चाइनीज ड्रोन? J-K के अखनूर में मिला कैमरा लगा Drone
जम्मू-कश्मीर के अखनूर में नियंत्रण रेखा के चौकी पास चौरा इलाके में एक चीनी निगरानी ड्रोन की बरामदगी हुई है।
- भारत
- 3 min read

जम्मू-कश्मीर के अखनूर में नियंत्रण रेखा के चौकी चौरा इलाके में चीनी निगरानी ड्रोन की बरामदगी हुई है। अखनूर पुलिस ने यहां जासूसी करते हुए के चीनी ड्रोन को बरामद किया है। इस चीनी ड्रोन में कैमरे लगे हुए हैं। ये कैमरा ड्रोन मैक्स कंपनी का है। एसपी ग्रामीण ब्रजेश शर्मा ड्रोन के रूट की जांच कर रहे हैं। इसके पहले भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को हुए सीजफायर समझौते को चंद घंटे भी नहीं बीते थे कि पाकिस्तान अपनी आदत से मजबूर होकर एक बार फिर सीमा पर बेशर्मी की हद पार कर गया। पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब, राजस्थान और गुजरात तक विभिन्न इलाकों में सीजफायर का उल्लंघन कर उकसावे की कार्रवाई की गई, जिससे एक बार फिर सीमा पर तनाव का माहौल बन गया।
पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू-कश्मीर के कई सीमावर्ती क्षेत्रोंअखनूर, राजौरी और आरएसपुरा सेक्टरों में फायरिंग की, जबकि पलनवाला सेक्टर में भी संघर्षविराम का उल्लंघन दर्ज किया गया। हालांकि भारतीय सेना की त्वरित और सटीक कार्रवाई के चलते किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन इन घटनाओं के चलते सुरक्षाबलों को पूरी रात हाई अलर्ट पर रहना पड़ा। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पाकिस्तान के साथ किए गए किसी भी समझौते पर भरोसा किया जा सकता है? साथ ही यह स्थिति भारत की सुरक्षा नीति और सीमा प्रबंधन को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
ड्रोन खतरे के खिलाफ तुरंत आई प्रतिक्रिया
सूत्रों के अनुसार, भारतीय सुरक्षा बलों को ड्रोन गतिविधियों की खुफिया सूचना पहले ही मिल चुकी थी। श्रीनगर और उधमपुर में ड्रोन देखे जाने के तुरंत बाद ब्लैकआउट और निगरानी बढ़ा दी गई। सेना ने ड्रोन को मार गिराया और किसी भी तरह की क्षति नहीं होने दी। ड्रोन गतिविधियों का असर जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब, राजस्थान और गुजरात तक देखने को मिला। एहतियातन उधमपुर, फिरोजपुर, श्रीनगर, पटियाला, फाजिल्का, होशियारपुर और राजौरी जैसे संवेदनशील इलाकों में ब्लैकआउट कर दिया गया। वहीं राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और गंगानगर में भी प्रशासन ने अलर्ट और ब्लैकआउट जारी किया, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। आज सभी राज्यों में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। गृहमंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी संवेदनशील ठिकानों पर निगरानी बढ़ाई जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
विश्लेषण: पाकिस्तान की हताशा या नई रणनीति?
विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार ड्रोन के जरिए सीमा पार से गतिविधियां पाकिस्तान की हताशा को दर्शाती हैं, या फिर यह नया छद्म युद्ध (Hybrid Warfare) हो सकता है, जिसमें बिना प्रत्यक्ष टकराव के अस्थिरता फैलाने की कोशिश की जाती है। जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर सीमा पार से छेड़छाड़ की कोशिशें तेज हो गई हैं। बीते 24 घंटे के भीतर अखनूर, पुंछ, राजौरी, नौशेरा, श्रीनगर, उधमपुर और आरएस पुरा जैसे संवेदनशील इलाकों में शैलिंग और ड्रोन अटैक की घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, 11 मई की रात शांतिपूर्ण रही और किसी प्रकार की फायरिंग या घुसपैठ की कोई पुष्टि नहीं हुई है।