भारत-चीन LAC पर समझौते के करीब, फिर ओवैसी को किस बात पर संदेह? कहा- उम्मीद है कि भारत PLA को उन...

भारत-चीन LAC पर समझौते के करीब पहुंच गया है, लेकिन AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी अब भी संदेह में है। तभी तो सोशल मीडिया पर बड़ी बात कह दी।

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Asaduddin Owaisi
भारत-चीन LAC पर असदुद्दीन ओवैसी का बयान | Image: PTI

मोदी सरकार ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर भारत और चीन विवाद पर एक सकारात्मक खबर सामने आई है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने घोषणा की है कि भारत और चीन LAC पर गश्त व्यवस्था को लेकर एक समझौते पर पहुंच गए हैं। यह निर्णय दोनों देशों के अधिकारियों के बीच व्यापक बातचीत के बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य 2020 में हुई झड़पों के बाद से जारी तनाव को दूर करना है। हालांकि, AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को इस मामले में संदेह नजर आ रहा है।

ओवैसी ने भारत-चीन समझौते को लेकर जो ताजा पोस्ट किया है, उससे यह समझा जा सकता है कि उन्हें भारत सरकार की कूटनीति कौशल पर कुछ संदेह है। दरअसल, उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "हम चीन के साथ तय की गई व्यवस्था के विवरण का इंतजार कर रहे हैं। विदेश सचिव की भाषा गूढ़ थी। उम्मीद है कि भारतीय गश्त के अधिकार बहाल करने के साथ ही PLA को उन क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी, जहां वह पहले नहीं पहुंच पाता था।"

पूरी जानकारी के बिना परिणाम निश्चित होना मुश्किल: ओवैसी

इसी मामले से जुड़े एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “हमें सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी की शर्तों को भी जानना होगा। यह वैसा नहीं होना चाहिए जैसा हमने 2017 के बाद डोकलाम में देखा था, जहां PLA ने क्षेत्र में स्थायी उपस्थिति हासिल कर ली थी। जब तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक परिणाम के बारे में निश्चित होना मुश्किल है।”

भारत-चीन समझौते को लेकर विदेश सचिव ने क्या कहा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, "हम चीन के साथ चर्चा किए जा रहे मुद्दों पर एक समझौते पर पहुंच गए हैं।" उन्होंने खास तौर से इस बात पर जोर दिया कि इस समझौते से सीमा पर आखिरकार सैनिकों की वापसी का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद है, जो क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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LAC से सैनिकों की हो रही वापसी

भारत और चीन के बीच बीते कई दिनों में एलओसी को लेकर बातचीत हुई है। विदेश सचिव ने पिछले कई हफ्तों में हुई चर्चाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, "भारत-चीन सीमा क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गश्त व्यवस्था पर सहमति बन गई है। इससे सैनिकों की वापसी हो रही है और आखिरकार 2020 में इन क्षेत्रों में उत्पन्न हुए मुद्दों का समाधान हो रहा है।"

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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